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हिसारः गणतंत्र दिवस पर एक फार्म हाउस में क्रूर डॉग फाइट, खूनी जंग पर सट्टा भी लगा

Mon, 28 Jan 2019 11:18 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
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डॉग फाइट
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जब 26 जनवरी को देश गणतंत्र दिवस मना रहा था, तब हिसार के एक फार्म हाउस में  कुछ रईस लोग खूनी डॉग फाइट पर सट्टा लगा रहे थे। हिंसा और क्रूरता से भरा यह खेल इतने गोपनीय तरीके से खेला गया कि किसी को भनक तक नहीं लगी। फिर भी इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि, पुलिस में इसकी शिकायत किसी ने नहीं की है।
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अमर उजाला भी इसकी पुष्टि नहीं करता है, लेकिन मामले की जांच की जाए तो कई चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। चर्चा यह भी है कुत्तों की इस खूनी जंग पर लाखों रुपये का सट्टा खेला गया। यह भी चर्चा है कि डॉग फाइट 25 जनवरी की शाम को भी आयोजित की गई थी। एक सोशल मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 26 जनवरी को शहर के एक फार्म हाउस में विदेशी नस्ल के पालतू कुत्तों को लड़ाया गया।

वायरल वीडियो में दो कुत्तों के बीच लड़ाई दिखाई दे रही है। 6 मिनट 41 सेकेंड के वीडियो में लड़ रहे कुत्ते लहूलुहान हो जाते हैं। आसपास खड़े लोगों की आवाजें भी सुनाई दे रही हैं। कुत्तों के मालिक उन्हें चल शाबाश, खड़ा हो, शाबास, ले-ले, शाबास ले... जैसी आवाजें लगाकर उकसा रहे हैं। कुत्ते एक रिंग में लड़ रहे हैं, जिसमें 5-6 लोगों के पैर दिखाई दे रहे हैं, लेकिन उनके चेहरे नहीं दिखाई दे रहे है। रिंग के बाहर बैठे अनेक लोग दर्शक की तरह दिखाई दे रहे हैं।
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लड़ते लड़ते मर जाते हैं कुत्ते

कुत्तों की लड़ाई तभी खत्म होती है जब एक कुत्ता घायल हो जाता है और लड़ने के लायक नहीं रहता है या उसकी मौत हो जाती है।

घायल कुत्ते को जंगल में छोड़ देते हैं
डॉग फाइट में घायल कुत्ते को उनके मालिक इलाज नहीं कराते हैं। उसे किसी तरह जंगल आदि जगहों पर ले जाकर छोड़ देते हैं। इस जगह या तो वह मर जाता है या भोजन और जीवन की तलाश में वह गांवों में आ जाता है जहां पर बच्चों पर हमला करके उन्हें मार कर खा जाता है।

फाइट के लिए कुत्तों को हिंसक बनाते हैं
जानकारी के अनुसार, डॉग फाइट में विदेशी नस्ल के कुत्तों को शामिल किया जाता है। इसके लिए इन्हें विदेश खासकर पाकिस्तान से तस्करी के माध्यम से मंगाया जाता है। एक कुत्ते की कीमत पांच से 10 लाख रुपये बताई जाती है। लड़ाई में भाग लेने के लिए कुत्तों को क्रूरता से प्रशिक्षित किया जाता है। इनकी पूंछ और कान काट दिए जाते हैं। नशीले पदार्थों का आदी बनाया जाता है। लड़ाई से पहले कई दिनों तक इन्हें भूखा भी रखा जाता है ताकि यह और हिंसक हो सकें।

गैर कानूनी है डॉग फाइट
भारत में डॉग फाइट दंडनीय अपराध बताया जाता है। पशुओं के प्रति क्रूरता अधिनियम 1960 के तहत यह गैर कानूनी है। इसमें जुर्माना और जेल का भी प्रावधान है। यही वजह है कि कई फार्म हाउसों में यह गुपचुप तरीके से खेला जाता है।

इस तरह का मामला संज्ञान में नहीं है। न ही कोई शिकायत आई है। यदि कोई वीडियो वायरल हुई है तो उसकी जांच कराई जाएगी।  
- नरेंद्र कादियान, डीएसपी, लॉ एंड ऑर्डर हिसार।

डॉग फाइटिंग के मामले पंजाब में काफी आते हैं। अब यह हरियाणा में भी फैल रहा है। यह पशु क्रूरता अधिनियम में अपराध की श्रेणी में आता है। इसे रोकना बेहद जरूरी है। हमारी संस्था द्वारा केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के पास मामले की शिकायत भेजी जाएगी।
- विनोद कड़वासरा, यूनिट हेड, पीपल्स फॉर एनीमल्स संस्था
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