मोहाली। शहर में रोड बर्म और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे करने वालों के खिलाफ गमाडा सख्त हो गया है। कब्जा करने वालों को गमाडा की तरफ से अल्टीमेटम दिया गया है। गमाडा के स्टेट ऑफिसर ने पब्लिक नोटिस जारी कर कहा है कि जिन लोगों ने रोड बर्म या सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे किए हुए हैं वह उन कब्जों को तुरंत प्रभाव पर हटाएं। अगर ऐसा नहीं किया गया तो गमाडा ऐसे अवैध कब्जों पर कार्रवाई करेगा। अवैध कब्जे हटाने के लिए धारकों को 15 दिन का समय दिया गया है। अगर 15 दिन में कब्जे नहीं हटाते तो उन्हें जुर्माना लगाना शुरू किया जाएगा। अगर नोटिस जारी होने के 30 दिन तक भी कब्जे नहीं हटाए गए तो कब्जे को गिराने की कार्रवाई होगी।
गमाडा के पब्लिक नोटिस में कहा गया कि अगर 15 दिन में अवैध कब्जा नहीं हटा तो सोलहवें दिन से उन्हें कब्जा की हुई पर 25 रुपये प्रति वर्ग फुट के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, अगर 30 दिन तक भी कब्जा नहीं हटाया गया तो उसके बाद 25 रुपये प्रति वर्ग फुट के अलावा पांच रुपये वर्ग फुट बढ़ाया जाएगा। इस हिसाब से 30 रुपये प्रति वर्ग फुट जुर्माना देना होगा। साथ ही 30 दिन के बाद गमाडा बिना कोई नोटिस दिए कभी भी अवैध कब्जा गिराने की कार्रवाई करेगा।
अवैध कब्जा धारकों से ही वसूला जाएगा गमाडा की कार्रवाई का खर्च
पब्लिक नोटिस के 30 दिन बाद जब गमाडा की तरफ से अवैध कब्जों पर कार्रवाई की जाएगी तो उस पर जो भी खर्च आएगा वो भी अवैध कब्जा धारकों से ही वसूला जाएगा। अवैध कब्जा गिराने पर जो जेसीबी मशीन इस्तेमाल होगी, मलबा उठाने में ट्रांसपोर्ट खर्च आएगा, लेबर आदि का खर्च कब्जाधारक से ही वसूला आएगा। अगर अवैध कब्जाधारक वो खर्च नहीं अदा करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए केस भी दर्ज किया जाएगा।
गमाडा और निगम से हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
कुछ समय पहले पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में शहर के अवैध कब्जाें को लेकर चल रहे मामले की तारीख थी। इस सुनवाई में कोर्ट ने गमाडा और नगर निगम से कहा था कि वो शहर की मौजूदा स्थिति कोर्ट को बताएं। इसके अलावा गमाडा और निगम ने अवैध कब्जों को हटाने के लिए जो कार्रवाई की उसकी भी जानकारी मांगी। अब गमाडा और निगम को कोर्ट में अपना जवाब दायर करना है। इसे लेकर गमाडा की ओर से कार्रवाई करने की भूमिका तैयार की जा रही है ताकि कोर्ट में इसका जवाब फाइल किया जा सके।
फुटपाथों पर दुकानदारों का कब्जा
शहर की मार्केट्स के शोरूमों में चलने वाले ढाबों ने शोरूमों के बैक साइड पर फुटपाथों पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया है। कुछ ढाबा मालिकों ने फुटपाथों पर ही ढाबे की रसोई तक बना ली है। कुछ दुकानदारों ने फुटपाथों पर स्टोर रूम बना कर वहां पर अपना सामान रखा है। इसके अलावा तकरीबन सभी दुकानदारों ने अपने जनरेटर सेट भी फुटपाथों पर भी रखे हैं जिससे लोगों के पैदल चलने के लिए जगह नहीं बची है। इससे लोगों को मजबूरन सड़कों पर चलना पड़ता है।