चंडीगढ़। पंजाब के राज्यपाल की ओर से शहर में बीती 16 जून को ‘एमपासपोर्ट’ सेवा शुरू की गई। इसमें आवेदनकर्ताओं के घर जाकर पासपोर्ट वेरिफिकेशन करने के लिए चंडीगढ़ पुलिस के मुलाजिमों की ड्यूटी लगाई गई। मगर अब कुछ मुलाजिमों को डेढ़ माह बाद वहां से हटाकर जनरल ड्यूटी में डाल दिया गया है। इस बात को लेकर मुलाजिमों में रोष है। उन्होंने दोबारा वेरिफिकेशन में ड्यूटी लगाने की मांग की है।
मुलाजिमों का कहना है कि दिन-रात उन्होंने सुबह साढ़े 7 बजे से लेकर रात साढ़े 9 बजे तक आवेदनकर्ताओं की सुविधा और समय के हिसाब से मिलकर पासपोर्ट वेरिफिकेशन की लंबी पेंडेंसी खत्म की। अब जब उन्हें इस काम का अनुभव हो गया तो उन्हें हटा दिया और नए मुलाजिमों को काम पर लगा दिया। इससे काम प्रभावित होगा।
विभाग द्वारा उन्हें इस तरह हटाने पर कुछ मुलाजिम अफसरों के सामने पेश हुए। उनका कहना है कि उनके काम की प्रशंसा करते हुए हाल ही में क्लास फर्स्ट सर्टिफिकेट के लिए उनके नाम की सिफारिश की गई थी। मुलाजिमों ने दबी जुबान में कहा कि इस सब के पीछे विभाग की एक अफसर है, जो अपने चुनिंदा मुलाजिमों की ड्यूटी इस काम पर लगा रही है।
मुलाजिमों का कहना है कि इस काम के लिए हर थाने और पुलिस चौकी में तीन से चार मुलाजिमों की ड्यूटी लगाई गई थी, जिसका इंचार्ज एएसआई रैंक का अफसर रखा था। 70 के करीब कर्मचारी इस ऐप के जरिए वेरिफिकेशन से पिछले डेढ़ महीने से जुड़़े हुए थे। इनमें से 30 के लगभग मुलाजिम बदल दिए हैं। रोजाना थानों में 40 से 45 ताजा वेरिफिकेशन आ रही हैं।
थानों में 32 टैबलेट दिए गए थे
चंडीगढ़ पुलिस ने ‘एमपासपोर्ट’ के तहत वेरिफिकेशन के लिए शहर के 16 पुलिस थानों में कुल 32 पुलिसकर्मियों को टेबलेट जारी किए थे। इससे पुलिसकर्मी आवेदनकर्ताओं के घरों पर जाकर वेरिफिकेशन से जुड़े अनिवार्य दस्तावेजों और आवेदनकर्ता की फोटो को अपलोड कर रहे हैं। इससे पहले इन दस्तावेजों की फोटोस्टेट ली जाती थी। इसे आगे जमा करवाने आदि में काफी समय बर्बाद होता था। इस ऐप को क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से लिंक किया है, जिसके जरिए दस्तावेज सीधे संबंधित विभाग तक पहुंच जाते हैं। पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासन बीएल पुरोहित ने 16 जून को पासपोर्ट वेरिफिकेशन को लेकर ‘एमपासपोर्ट’ सेवा की शुरुआत की थी। वहीं यह भी सुनिश्चित किया गया था कि सभी पासपोर्ट वेरिफिकेशन 15 दिनों में पूरी हो जानी चाहिए। पासपोर्ट के अलावा चार अन्य सेवाएं भी चंडीगढ़ पुलिस की ई-साथी ऐप पर ऑनलाइन की गई थी। 11 सेवाएं पहले से ही ई-साथी पर उपलब्ध हैं।