भारत की आजादी के लिए सुभाष चंद्र बोस के कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले और छह साल तक अंग्रेजों की कैद में रहने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मांडूराम का शनिवार देर रात निधन हो गया। बावल क्षेत्र के गांव साबन निवासी वयोवृद्ध मांडूराम 96 वर्ष के थे।
उनके निधन के बाद बावल प्रशासन व हरियाणा पुलिस ने रविवार को राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी। इसके बाद विधिपूर्वक उनका अंतिम संस्कार किया गया। प्रशासन की ओर से पहुंचे एसडीएम जितेंद्र कुमार ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी मांडूराम शील स्वभाव के तथा कर्मयोगी थे।
उन्होंने अपने जीवन में जो भी कार्य किया उसमें कभी असफलता हासिल नहीं की और न ही कभी पीछे मुड़कर देखा। स्वतंत्रता सेनानी ने देश की स्वतंत्रता के लिए सिंगापुर व जापान में छह सालों तक जेल काटी।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले मांडूराम अपने पीछे वीरांगना जानकी देवी, चार पुत्र ओमप्रकाश, धर्मबीर, सुखबीर, समय सिंह व तीन विवाहित बेटी के साथ 30 जनों के भरे पूरे परिवार को छोड़ गए हैं।
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार पर हवा में गोलियां दाग कर स्वतंत्रता सेनानी को अंतिम सलामी दी गई तथा जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम गांधी जिला पुलिस की ओर से उप पुलिस अधीक्षक ताहिर हुसैन ने पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया।
आज ही था प्रपौत्र का कुआं पूजन
पौत्र सोनू के घर में जन्मे नवजात शिशु नक्ष के कुआं पूजन की खुशी में सभी रिश्तेदारियां खुशी का माहौल ढोल-बाजे से किए जाने की तैयारियों में जुटे थे।