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Chandigarh News: जॉम्बी ड्रग से लेकर खुलेआम इंजेक्शन तक, पांच डरावनी तस्वीरों ने खोली शहर में बढ़ते नशे की परतें

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चंडीगढ़। शहर में नशे का ग्राफ आए दिन बढ़ता जा रहा है। वी केयर फॉर यू का नारा लगाने वाली चंडीगढ़ पुलिस नशा रोकने में नाकाम नजर आ रही है। न तो पुलिस शहर में हो रहे नशे के कारोबार को रोक पा रही है और न ही खुलेआम नशा करने वालों को। लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई के दावों के बीच सार्वजनिक जगहों पर नशे की तस्वीरें चिंता बढ़ा रही हैं।
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2026 में सामने आए कई मामलों में युवा सरेआम नशा करते, नशे के असर में असामान्य हालत में खड़े और संदिग्ध ड्रग्स की सप्लाई करते पकड़े गए। मार्च में सेक्टर-33बी में डिलीवरी बॉय के करीब दो घंटे तक एक ही जगह पर जड़वत खड़े रहने का वीडियो वायरल होने के बाद जॉम्बी ड्रग की चर्चा शुरू हुई थी। इसके बाद से कई मामले सामने आए हैं, लेकिन पांच मामले ऐसे सामने आए हैं, जो कि बहुत डरावने थे।

पांच केस स्टडी ने खोली नशे के जाल की परत



1.सेक्टर-33बी का जॉम्बी वीडियो: मार्च में एक डिलीवरी कर्मचारी लंबे समय तक सड़क किनारे जड़वत खड़ा दिखाई दिया। वीडियो वायरल होने के बाद इसे जॉम्बी ड्रग से जोड़ा गया था, जो कि बहुत खतरनाक नशा होता है।
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2.सेक्टर-38 में सरेआम इंजेक्शन: मई में मोटर मार्केट के पीछे एक युवक और युवती का खुलेआम इंजेक्शन लगाते वीडियो वायरल हुआ। स्थानीय लोगों ने इलाके में नशेड़ियों के जमावड़े की शिकायत की। पुलिस ने वीडियो के आधार पर जांच की बात कही।


3.नशे की ओवरडोज से महिला की मौत: चंडीगढ़ बुड़ैल सेक्टर-45 में 6 जून को नशे की ओवरडोज से 30 वर्षीय महिला रीना की मौत का मामला अब सामने आया। देव समाज कॉलेज के सामने खड़े क्षतिग्रस्त ऑटो के पास उसका शव मिला था। पुलिस को उसकी बंद मुट्ठी से फॉइल पेपर, लाल रंग का लाइटर और रोल किया हुआ 200 रुपये का नोट मिला।

4.जहां बैठकर नशा किया वहीं बैठा रह गया: मनीमजरा इंदिरा कॉलोनी में नशे की हालत में एक युवक के औंधे मुंह पड़े होने का वीडियो एक सप्ताह पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। युवक ने जहां बैठकर नशा किया था वहीं बैठा रह गया था।

5. एक-दूसरे को इंजेक्ट किया: इंदिरा कॉलोनी के पार्क के पास एक युवक नशे में झूमता नजर आया। वहीं एक युवक बैठा दिखाई दिया। दोनों नशे की हालत में पाए गए।

बॉक्स



नशे का असर सिर्फ शरीर पर नहीं, दिमाग पर भी



जॉम्बी नशा बहुत खतरनाक है। इसका इस्तमाल करने वाले की सुध बुध खो जाती है। उसे सही गलत का पता नहीं चलता है। इससे बेहोशी, सांस धीमी होना, हृदय गति में बदलाव, भ्रम और व्यवहार में गंभीर परिवर्तन हो सकता है। - डॉ. आरएस बेदी

कोट

चंडीगढ़ पुलिस लगातार नशे को रोकने के लिए अभियान चला रही है। अलग-अलग जगहों पर नाके लगाकर नशा सप्लायरों को पकड़ती है। हाल ही में मनीमाजरा में पुलिस ने नशे के खिलाफ सर्च अभियान भी चलाया है और यह लगातार जारी है।- कंवरदीप कौर, एसएसपी
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