भले ही पाकिस्तान और हिंदुस्तान में इन दिनों तनातनी का माहौल चल रहा है, लेकिन हुसैनीवाला बार्डर पर दोनों देशों के बीच दोस्ती और सम्मान की गजब मिसाल रोजाना देखने को मिलती है। ये देश का वो बार्डर है, जहां भारत और पाकिस्तान के राष्ट्रीय ध्वज सूर्यास्त के दौरान एक-दूसरे की सरजमीं पर सम्मान के साथ उतारे जाते हैं। यहां कई दशकों से रोजाना यह रस्म चल रही है।
वाघा बार्डर की तर्ज पर यहां हुसैनीवाला बार्डर पर भी रोजाना सुबह भारत और पाकिस्तान अपने-अपने एरिया में अपने राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं। शाम के समय दोनों देशों की ओर से बेहतरीन परेड प्रस्तुत की जाती है। भारत की ओर से दिलावर खान टॉवर पोस्ट पर तैनात बीएसएफ के जवान परेड को करते हैं।
दोनों देशों के जवान जोशिले ढंग से इस परेड को इस कदर प्रस्तुत करते हैं कि परेड देखने आए हजारों दर्शकों में भी देशभक्ति हिलोरे लेने लगती है। माहौल पाक दर्शकों से उठने वाले ‘जीवे...जीवे पाकिस्तान’ व पाकिस्तान का मतलब क्या ‘ला इल्लाह इल अल्लाह’ और इंडियन दर्शकों से उठने वाले ‘वंदे मातरम’, ‘इंकलाब जिंदाबाद’ व ‘भारत माता की जय’ के नारों से गुंजायमान हो जाता है। परेड से पहले व बाद में देशभक्ति के गीत भी दर्शकों के जोश को और बढ़ा देते हैं।