दोआबा के भुलत्थ एरिया के लोगों में विदेश जाने की लालसा उनकी जान तक जोखिम में डाल रही है। सहकारी बैंक के रिटायर्ड गनमैन के पोते को पुर्तगाल भेजने के बदले 11 लाख ऐंठने के बावजूद युवक को पांच माह तक पांच देशों में फर्जी ट्रेवल एजेंट और डोंकर (बख्तरबंद गाड़ी में डोंकी की तरह ले जाने वाले) घुमाते रहे। आगे से आगे युवक को डोंकरो के हाथों सौंपा जाता रहा, जहां उसे यूक्रेन के जंगलों में भूखे-प्यासे लगातार पांच दिन तक पैदल चलाकर वियाना तक ले जाया गया। आगे वियाना के डोंकरों ने उसे आस्ट्रिया की सीमा से 10 किलोमीटर पहले ही छोड़ दिया।
वहां पर पकड़े जाने पर उसे पांच दिन भूखे-प्यासे जेल काटनी पड़ी। आरोपी ट्रेवल एजेंट पीड़ित के दादा के सहकारी बैंक का चपरासी है। उसके खिलाफ थाना सुभानपुर में मानव तस्करी और धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया गया है।
शिकायतकर्ता भाग सिंह निवासी नडाला ने बताया कि वह सहकारी बैंक नडाला से बतौर गनमैन रिटायर हुआ है। नडाला शाखा में उसके साथ धर्मपाल निवासी गुरु रविदास नगर, मकसूदां जालंधर रूरल भी बतौर चपरासी तैनात था। उसकी धर्मपाल से काफी जान-पहचान हो गई थी। धर्मपाल ने उसे कहा कि वह उसके पोते सरबजीत सिंह (23) को 15 दिन में पुर्तगाल भेज देगा। बात 10 लाख 50 हजार में तय हुई और धर्मपाल उसके पोते का पासपोर्ट ले गया। उसके कहने पर जून 2017 में उसने धर्मपाल के अकाउंट में तीन लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। चार जुलाई 2017 को धर्मपाल उसके पोते को दिल्ली ले गया।