इस तरह से अन्य लोग कंपनी के साथ जुड़ने लगे। उस दौरान कंपनी के साथ जुड़े लोगों ने पांच-पांच हजार रुपये कंपनी में लगाए। आरोपियों ने उन्हें कहा कि अगर वह कंपनी में 17-17 सदस्य जोड़ेंगे तो उन्हें मोबाइल मिलेगा। कंपनी के लोग होटलों में सेमिनार करते थे। वहां पर लोगों को फंसाने के लिए कुछ लोगों को उपहार दिए जाते थे।
इस तरह से आरोपी यमुनानगर के आसपास के अन्य जिलों में भी सेमिनार करने लगे। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें प्लान बताया कि उनको फिल्मों में रोल दिया जाएगा। वहां पर उन्हें हीरो और हीरोइनों के साथ काम करने का मौका मिलेगा। इसके लिए आरोपियों ने हीरो-हीरोइनों से मिलवाने के नाम पर उनसे दो-दो लाख रुपये कंपनी में लगवाए।
तब तक कंपनी के करीब 13 सौ सदस्य बन चुके थे। जब लोगों को न तो फिल्मों में काम मिला और न ही कंपनी अपने अन्य वादों को पूरा कर पाई तो लोगों ने अपने आप को ठगा महसूस किया।
इस धोखाधड़ी में चिटफंड कंपनी के एमडी नरेंद्र व मैनेजर प्रताप नगर निवासी मनोज कुमार के साथ कंपनी के कैशियर मनीष, खिजराबाद निवासी अरूण वालिया, गांधी नगर निवासी कमल नैन, पवन नैन, खिजराबाद निवासी आशीष वालिया, गांव बलाचौर निवासी विपिन कोहली, प्रताप नगर निवासी प्रियंका व नीरू ने भी साथ दिया। जब उन्होंने कंपनी के अधिकारियों से पैसे वापस मांगे तो उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया और उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।
परेशान होकर उन्होंने इसकी शिकायत सीएम विंडो के माध्यम से मुख्यमंत्री व पुलिस अधीक्षक को दी। पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच के बाद पुलिस को आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश दिए। पुलिस ने मामले में नौ आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
जांच अधिकारी एएसआई राजपाल का कहना है कि चिटफंड कंपनी द्वारा लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की गई है। शिकायत के आधार पर कंपनी के मैनेजर समेत नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।