चंडीगढ़। ऑस्ट्रेलिया का स्टडी वीजा लगवाने के नाम पर सेक्टर-17 स्थित वर्ल्ड वीजा इमिग्रेशन कंपनी ने साहिल प्रीत सिंह निवासी गांव पडलू, शाहबाद मारकंडा जिला कुरुक्षेत्र सहित अन्य से करीब 98.75 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। कंपनी को पैसे देने के बावजूद न तो वीजा लगवाया गया और न ही पैसे वापस किए। सेक्टर-17 थाना पुलिस ने इमिग्रेशन कंपनी के संचालक खुशपाल सिंह व अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साहिल प्रीत सिंह (19) ने पुलिस को बताया कि वह विदेश में जाकर पढ़ाई करने का इच्छुक था। उसने इंटरनेट के जरिए वीजा लगवाने वाली कंपनियों के बारे में पता किया। फेसबुक पर स्टडी वीजा पर ऑनलाइन विज्ञापन देखा जिसमें वर्ल्ड वीजा कंपनी की जानकारी दी गई थी। उसने फेसबुक पर ही विदेश जाने के लिए विवरण भर दिया। इसके कुछ दिन बाद ही वर्ल्ड वीजा एडवाइजर इमिग्रेशन कंपनी से मलिका का फोन आया। महिला ने उसे एससीओ नंबर 69, पहली मंजिल, सेक्टर-17डी आफिस में बुलाया। 22 जनवरी 2024 को युवक पिता के साथ कंपनी के आफिस में पहुंचा, जहां उनकी मुलाकात अमन बाजवा से हुई।
अमन बाजवा ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में एडिलेड का वीजा लगवा देंगे। कुछ दिन बाद कंपनी आफिस से फोन आया और उन्हें बुलाया गया। वह आफिस में गए तो ऑफर लेटर अप्लाई करने के लिए पांच हजार रुपये ले लिए। कुछ दिन बाद फिर फोन आया और कहा कि स्टडी वीजा का ऑफर लेटर आ गया है। ऑफर लेटर पर हस्ताक्षर करवाकर वापस ले लिया और उनसे 21 हजार रुपये लिए। इसके बाद कंपनी वालों ने जीटीई के लिए अप्लाई करने सहित कॉलेज फीस, ट्यूशन फीस, मेडिकल सहित करीब 11 साख रुपये का खर्च बताया गया। इन्होंने कंपनी को कुल 11 लाख 50 हजार रुपये ट्रांसफर किए लेकिन बाद में पता चला कि इमिग्रेशन कंपनी की ओर से आज तक भी उनका वीजा एंबेेंसी में अप्लाई ही नहीं किया गया है। यह पता लगने पर वह कंपनी के आफिस में गए लेकिन उन्हें वहां कोई नहीं मिला और न ही उनके पैसे वापिस किए जा रहे हैं। इसके अलावा वर्ल्ड वीजा एडवाइजर्स कंपनी की ओर से कई अन्य लोगों के साथ स्टडी व वर्क वीजा लगवाने के नाम पर कुल 98 लाख 75 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई है।