चंडीगढ़। विदेश भेजने के नाम पर 1.22 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। सेक्टर-17 थाना पुलिस ने दो इमिग्रेशन कंपनियों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। उधर, पुलिस ने बिना मंजूरी के इमिग्रेशन आफिस चला रहे एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया है।पहले मामले में पंजाब के तरनतारन जिले के गांव चीमा कलां निवासी सतनाम सिंह ने सेक्टर-17 थाना पुलिस को शिकायत दी थी कि उसने और कई अन्य युवकों ने सेक्टर-17 में चल रही माई इमिग्रेशन सॉल्यूशन कंपनी से संपर्क किया था। वहां उनकी मुलाकात कंपनी के मालिक विकास शर्मा के साथ हुई। उसने छह-सात युवकों से विदेश भेजने के नाम पर 47 लाख 72 हजार 064 रुपये लिए मगर युवाओं को न तो विदेश भेजा और न ही रुपये लौटाए। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई।
पटियाला निवासी एक महिला ने बताया कि सेक्टर-17डी के एससीओ नंबर 69 में संचालित बीबी काउंसिल में उसने और कई अन्य युवकों ने वीजा के लिए आवेदन किया था। उन युवकों से फर्म संचालक ने 75 लाख 14 हजार 920 रुपये ठग लिए मगर न उनका वीजा आया और न ही रुपये लौटाए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिना मंजूरी इमिग्रेशन आफिस चलाने वाला गिरफ्तार
सेक्टर-34 थाना पुलिस ने अवैध रूप से इमिग्रेशन आफिस चलाने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के गांव बिलासपुर निवासी गौरव कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की है। हालांकि, बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। पुलिस टीम ने जब उसके आफिस में जाकर जांच की तो उसके पास न रजिस्ट्रेशन नंबर मिला और न ही पुलिस वेरिफिकेशन करवाई गई थी।