हरियाणा में गुरुग्राम ही नहीं अंबाला, फरीदाबाद, सोनीपत और बहादुरगढ़ में भी रजिस्ट्रियों में गड़बड़ियां हुईं हैं। इस तरह की शिकायतें भी सरकार के पास पहुंची हैं, जिसके चलते सरकार ने इन जिलों के डीसी से जांच कर रिपोर्ट तलब की है। इसके अलावा रजिस्ट्रियों की गड़बड़ियों पर लगाम कसने के लिए सरकार कई तरह के नए सुधार भी करेगी।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय विभाग के 9 नगर निगमों में अगले एक सप्ताह में और 15 नगर पालिका व नगर परिषदों के अधीन आने वाले क्षेत्रों में आगामी 15 दिनों के भीतर प्रापर्टी आईडी तैयार कर दी जाएगी। कंट्रोल्ड एरिया में रजिस्ट्रियां करने का एक खास मैकेनिज्म बनाया जाएगा।
राजस्व विभाग के अलावा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, एचएसआईआईडीसी, वन विभाग जैसे संबंधित विभाग रजिस्ट्री के लिए अगर 14 दिनों के अंदर-अंदर अनापत्ति प्रमाण-पत्र नहीं देते हैं तो उसे डीम्ड स्वीकृति समझकर रजिस्ट्री कर दी जाएगी। इसके अलावा जो अध्यादेश लाया जा रहा है उसमें कृषि भूमि व खाली पड़ी जमीन की अलग-अलग श्रेणी की जाएंगी।
कंट्रोल्ड एरिया में रजिस्ट्री के लिए वर्ष 2017 में कृषि भूमि के क्षेत्र को 2 कनाल किया गया था। उसको अब वर्ष 2017 के संशोधन से पहले की भांति एक एकड़ किया जाएगा। डिप्टी सीएम ने बताया कि शहरों में प्रॉपर्टी टैक्स को ऑनलाइन भरने की सुविधा की जाएगी ताकि रजिस्ट्री के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र स्वत: लिया जा सके।
उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री कार्यालय में मानव-हस्तक्षेप कम से कम हो इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आगामी एक माह में लिंक कर दिया जाएगा ताकि तत्काल रजिस्ट्री हो सके।