पूर्व रजिस्ट्रार पर लाखों के गबन का केस
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पंचकूला सेक्टर-5 की पुलिस ने हरियाणा राज्य फार्मेसी काउंसिल की सिफारिश के बाद काउंसिल के पूर्व रजिस्ट्रार एसएम नेहरा के खिलाफ लाखों रुपये के गबन का मामला दर्ज किया है। नेहरा पर काउंसिल के लाखों रुपये गबन करने का आरोप है।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 22 जुलाई 2007 को पूर्व रजिस्ट्रार के खिलाफ जांच करने के लिए राज्य विजिलेंस ब्यूरो को निर्देश दिए थे। 2012 में जांच पूरी हो गई। जिसमें लाखों रुपये के गबन का मामला सामने आया। अब चार साल बाद पुलिस ने काउंसिल की सिफारिश पर केस दर्ज किया है।
मामले में विजिलेंस ब्यूरो की पांच वर्ष चली जांच में लाखों रुपये का दुरुपयोग पाया गया था। रिपोर्ट में सामने आया था कि पूर्व रजिस्ट्रार ने वर्ष 1992 से 2007 तक काउंसिल का रजिस्ट्रार रहते हुए लाखों रुपये का गबन किया। साथ ही काउंसिल के नियमों की अवहेलना की। काउंसिल का कोई भी रजिस्ट्रार नियम 131 के तहत 100 रुपये से अधिक नहीं रख सकता। विजिलेंस की रिपोर्ट में सामने आया कि पूर्व रजिस्ट्रार एसएम नेहरा ने 16 लाख से ज्यादा कैश अपने पास रखा। रूल नंबर 139 के तहत रजिस्ट्रार केवल 50 रुपये ही मर्जी से खर्च कर सकता है, लेकिन पूर्व रजिस्ट्रार ने 45 लाख रुपये से ज्यादा रुपये खर्च किए।
काउंसिल की आमदनी सिर्फ 16 लाख ही दिखाई गई। सेक्शन 26 के तहत काउंसिल का स्टाफ केवल काउंसिल नियुक्त कर सकती थी। जबकि पूर्व रजिस्ट्रार एसएम नेहरा ने कई लोगों को रखा। हरियाणा सरकार ने पूर्व रजिस्ट्रार को 2003 से 2005 में एक लाख 38 हजार रुपये रिकवरी के लिए नोटिस दिया, जिसकी रिकवरी अब तक नहीं हुई।
विजिलेंस ने 5 जनवरी को 2012 को सरकार से उचित कार्रवाई को लिखा था। हरियाणा सरकार ने फार्मेसी काउंसिल को ही कार्रवाई के लिए अधिकृत किया था। कानूनी राय के बाद अब फार्मेसी काउंसिल के चेयरमैन केसी गोयल के पत्र के बाद सेक्टर 5 पुलिस ने नेहरा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
सेक्टर-5 थाना प्रभारी ललित कुमार ने बताया कि आरोपी एसएम नेहरा के खिलाफ धारा 409 के तहत केस दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा। हरियाणा फार्मेसी काउंसिल के प्रधान कृष्ण चंद गोयल ने कहा मामले में पुलिस को जल्द से जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।