चंडीगढ़। सारंगपुर स्थित बोटेनिकल गार्डन में बनी लेक में बुधवार को डूबने से 12 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। बच्चा अपने दोस्तों के साथ गार्डन में खेलने गया था। इस दौरान वह लेक में डूब गया। अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि वह पैर स्लिप होने से हादसे का शिकार हुआ या झील में तैरने के मकसद से उतरा था। सारंगपुर थाना प्रभारी रोहित कुमार ने बताया कि घटना तीन बजे की है।
मृतक की पहचान खुड्डा लाहौरा निवासी मोहम्मद समीर के रूप में हुई है। वह खुड्डा लाहौरा के ही सरकारी स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ता था। समीर को डूबता देख उसके चचेरे भाई ने शोर मचाया, जिसकी वजह से आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस को घटना की सूचना दी। इसके बाद बच्चे का शव ढूंढकर बाहर निकाला गया। पुलिस ने तुरंत उसे सेक्टर-16 अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव को कब्जे में लेकर सेक्टर-16 अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। वीरवार को शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। पुलिस के अनुसार समीर करीब 30 से 45 मिनट तक पानी में ही रहा। उसे पुलिस के गोताखोर और गार्डन में माली का काम करने वाले कर्मचारियों ने निकाला। धनास स्थित कच्ची कॉलोनी निवासी माली जीत राम ने बताया कि शव लेक में बिल्कुल नीचे जा चुका था।
रोजाना बोटेनिकल गार्डन में खेलने जाता था समीर
समीर के चाचा ने बताया कि समीर का एक भाई और दो बहने हैं। समीर के पिता मोहम्मद जाहिद सेक्टर-16 अस्पताल में थे। जाहिद का छोटा बेटा बीमार था और वह अस्पताल में भर्ती था। बुधवार दोपहर करीब एक बजे समीर के भाई की छुट्टी हुई। जब जाहिद पत्नी के साथ बेटे को लेकर घर पहुंचे तो उन्हें घटना के बारे में पता चला। समीर रोजाना बोटेनिकल गार्डन में खेलने जाता था। सारंगपुर थाना प्रभारी रोहित कुमार ने बताया कि समीर की मां का कहना है कि उसका बेटा सुबह 9 बजे से ही घर से निकला हुआ था। मां ने उसे हर जगह ढूंढा, लेकिन वह कहीं नहीं मिला।
खुड्डा लाहौरा की तरफ से अंदर आए थे बच्चे
माली जीत राम ने बताया कि बच्चे बोटेनिकल गार्डन में खुड्डा लाहौरा की तरफ से नदी वाले रास्ते से घुसे। माली ने बताया कि उस जगह पर नील गाय और जानवर के आने से लोहे का सरिया लगा रखा है, लेकिन बच्चे फिर भी अंदर आ गए। एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि मृतक के दोस्त ने शोर मचाया तो पास में मशीन चलाने वाला कर्मचारी पहुंचा और पानी में उतरा। हालांकि उसे तैरना नहीं आता था, जिसकी वजह से वह ज्यादा अंदर नहीं जा पाया। पुलिस को सूचना देने के बाद सिविल डिफेंस के कर्मचारी और पांच माली जिनमें उत्तर प्रदेश के हरदोई निवासी जीत राम, मनोज कुमार, अलीगढ़ निवासी धरबिंदर, सूरजपाल और हरियाणा के शेर सिंह पुलिस के गोताखोरों के साथ लेक में उतरे। इसके बाद शव को ढूंढकर बाहर निकाला गया।