पीआरटीसी ने सोशल मीडिया पर डाली पोस्ट
बुधवार देर शाम जब बस कोई सुराग नहीं लगा। साथ ही कंडक्टर व बस चालक के परिजनों ने इस मामले को प्रमुखता से अधिकारियों और मैनेजमेंट के समक्ष में उठाया तो इसके बाद पीआरटीसी की तरफ से अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली। साथ ही इस बारे में जानकारी देने की बात कहीं। इसके बाद यह मामला मीडिया में आ गया।
भगवान करे, वह ठीक हो
बस का कंडक्टर पटियाला जिले के खेड़ी वरना का रहने वाला है। उसके परिवार में पत्नी दो बेटियां और एक बेटी है, जबकि बुजुर्ग माता पिता व तीन बहने हैं। परिवार गत चार दिनों से परेशान है। परिवार का कहना है कि रविवार रात से उसका फोन नहीं लग रहा है। पारिवारिक सदस्यों का कहना है कि हम भगवान से यही दुआ कर रहे हैं कि वह ठीक हो।
मृतक अपने पीछे बेटा और पत्नी छोड़ गया
बस चालक सतगुर सिंह जिला संगरूर के गांव राधे धराणा का रहने वाला था। उसके परिवार में पत्नी व बेटा है। विभाग अधिकारियों से लगातार अपने पति के बारे में पत्नी पूछ रही थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। जबकि उसने सख्ती से मामला उठाया तो इस दिशा में कार्रवाई शुरू हुई। उन्होंने बताया कि वह पीआरटीसी में ठेके पर काम करता था। उसे मात्र 10 हजार रुपये सैलरी मिलती थी।