चंडीगढ़। चार हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में सीबीआई के जज सुशील कुमार गर्ग की विशेष अदालत ने सोमवार को रोपड़ जिला जेल के पूर्व चिकित्सा अधिकारी राजीव जस्सी को चार साल की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। बता दें कि बीते 10 मार्च को राजीव जस्सी को अदालत ने दोषी करार दिया था। वहीं मामले के अन्य आरोपी सतनाम सिंह को अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था।
सुनवाई के दौरान राजेश जस्सी ने दलील दी कि उसकी मां काफी बुजुर्ग हैं जबकि उनका बेटा 21 साल का है। वहीं, केस के चलते बीते सात साल से वह और उनका परिवार वित्तीय संकट के साथ-साथ मानसिक परेशानी झेल रहा है। ऐसे में उन्हें कम से कम सजा दी जाए। दूसरी तरफ सरकारी वकील केपी सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार का समाज पर बुरा प्रभाव पड़ता है। जब ऐसे अधिकारी इमानदारी से काम नहीं करते हैं तो इससे आम जनता में गलत संदेश जाता है इसीलिए दोषी के प्रति कोई सहानुभूति नहीं दिखाई जानी चाहिए।
बता दें कि 2014 में राजीव जस्सी के खिलाफ डॉली रानी नाम की महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद सीबीआई ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 13 (1) (डी), 13(2) के तहत मामला दर्ज किया था। डॉली रानी ने सीबीआई को शिकायत में बताया था कि उनका बेटा किसी मामले में रोपड़ जेल में बंद है। बेटे को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के चलते उसे इलाज के लिए पीजीआई रेफर कराना था। डॉली का आरोप था कि राजीव जस्सी ने उनके बेटे को पीजीआई रेफर करने के नाम पर चार हजार रुपये की रिश्वत मांगी। आरोपी राजीव ने यह भी कहा था कि यदि वह चार हजार रुपये नहीं दे सकतीं तो उसे एक्वागार्ड ही दे दें। इसके बाद डॉली ने मामले की सूचना सीबीआई को दे दी ने। सीबीआई ने जाल बिछाकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
शिकायतकर्ता डॉली रानी भगोड़ा घोषित हुई थी
शिकायत देने के बाद डॉली अदालत में पेश नहीं हो रही थी। उसे अदालत में गवाही देने के लिए कई बार समन भेजे गए लेकिन उसके बाद भी वह अदालत नहीं पहुंची। दिसंबर 2020 में अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। वहीं, अदालत में पेश न होने पर सेक्टर-36 थाना पुलिस ने उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 174 ए के तहत मामला दर्ज किया था। फरवरी 2021 में डॉली रानी को मोहाली में से गिरफ्तार कर सीबीआई अदालत में पेश किया गया था। सीबीआई अदालत ने उसे सेक्टर-36 थाना पुलिस को सौंप दिया था। बाद में उसके बयान दर्ज किए गए जिसके आरोपी को सजा सुनाई गई।