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Chandigarh News: पूर्व डीआईजी भुल्लर की मुश्किलें बढ़ीं, जमानत अर्जी खारिज

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-जज ने कहा- बड़े अधिकारी के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला लेना आसान नहीं होता
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के आरोपों के चलते वह अभी भी जेल में रहेंगे। 2 जनवरी को सीबीआई कोर्ट ने भुल्लर की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि डीआईजी जैसे उच्च पद पर तैनात अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराना साहस की मांग करता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता के फैसले में देरी को आरोपों की गंभीरता को कम करने वाला नहीं माना जा सकता। भुल्लर की ओर से दायर जमानत अर्जी में सवाल उठाया गया था कि शिकायतकर्ता आकाश बत्ता ने बिचौलिए से 5 अगस्त 2025 को पहली बार एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी जाने की बात दर्ज की थी, लेकिन 11 अक्टूबर को ही सीबीआई को शिकायत दी। इस पर जज ने टिप्पणी की कि सामान्य नागरिक के लिए बड़े अधिकारी के खिलाफ आवाज उठाना आसान नहीं होता, इसलिए देरी स्वाभाविक है।
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भुल्लर की आय से अधिक संपत्ति मामले में दायर जमानत अर्जी पहले ही खारिज हो चुकी है। सीबीआई की ओर से अदालत में सरकारी वकील ने कहा कि भुल्लर जैसे उच्च पद पर रहे अधिकारी को जमानत पर रिहा करने से मामले की जांच और गवाहों पर प्रभाव पड़ सकता है। अदालत ने यह भी कहा कि भुल्लर ने अपने कार्यकाल में करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की, जिससे यह संकेत मिलता है कि उसके समाज के ऊंचे तबके में गहरे संबंध रहे।
सीबीआई ने 16 अक्टूबर को निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को उनके मोहाली स्थित कार्यालय से गिरफ्तार किया था। इससे पहले उनके कथित बिचौलिए कृष्णु शारदा को भी हिरासत में लिया गया था। आरोप है कि दोनों ने मंडी गोबिंदगढ़ के स्क्रैप डीलर आकाश बत्ता से आठ लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
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कृष्णु शारदा की जमानत सुनवाई तय
भुल्लर से जुड़े रिश्वत मामले में गिरफ्तार कृष्णु शारदा ने हाल ही में सीबीआई की विशेष अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की है। इसकी सुनवाई 7 जनवरी को होगी। अदालत ने जांच एजेंसी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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