खुफिया विभाग के इनपुट पर राज्य सरकार ने लिया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल अब जेड प्लस सुरक्षा घेरे में रहेंगे। खुफिया विभाग की रिपोर्ट पर राज्य सरकार ने उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई है। मनोहर लाल से पहले राज्य में सिर्फ राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री नसीब सैनी को जेड प्लस सुरक्षा मिली है।
खुफिया विभाग ने सुरक्षा आकलन कमेटी को इनपुट दिया था कि किसान आंदोलन और पड़ोसी राज्य के हालात को देखते हुए पूर्व सीएम मनोहर लाल को सुरक्षा घेरे में रखना जरूरी है। वह साढ़े नौ साल तक राज्य के सीएम रहे। इस दौरान दो बार किसान आंदोलन हुआ। दूसरे किसान आंदोलन के दौरान राज्य सरकार ने पंजाब के किसानों को दिल्ली जाने नहीं दिया। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत को भी फरलो के दौरान राज्य सरकार ने जेड प्लस की सुरक्षा दी थी। गुरमीत को यह सुरक्षा खालिस्तानी आतंकियों की धमकी के बाद दी गई थी। जेड प्लस की सुरक्षा में 36 जवान होते हैं। इनमें दस कमांडो के साथ सीआरपीएफ व राज्य पुलिस के जवान शामिल होते हैं।
विज की सुरक्षा रहेगी बरकरार
मंत्री पद जाने के बाद भी पूर्व गृह मंत्री अनिल विज की सुरक्षा बरकरार है। दरअसल नूंह दंगे के बाद खुफिया इनपुट के आधार पर उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई थी। ऐसे में उनकी सुरक्षा में फिलहाल कोई कटौती नहीं की गई है।