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फॉरेक्स ट्रेडिंग मामला: ईडी ने लविश चौधरी के खास नवाब हसन को यूपी से दबोचा, नौ दिन के रिमांड पर भेजा गया

Sat, 27 Sep 2025 12:17 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

लविश चौधरी और नवाब हसन अपने निवेशकों को को 5-6 प्रतिशत मासिक रिटर्न का लालच देकर फॉरेक्स ट्रेडिंग का दावा करते थे। निवेश की रकम को पेमेंट एग्रीगेटर्स और वर्चुअल करेंसी यूएसडीटी के जरिए जमा करवाया जाता था।  
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ED - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) चंडीगढ़ ने फॉरेक्स ट्रेडिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी चंडीगढ़ ने फॉरेक्स ट्रेडिंग नेटवर्क के मास्टरमाइंड लविश चौधरी के खास नवाब हसन को बीती देर रात यूपी से दबोचा है। 
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ईडी ने आरोपी नवाब हसन को स्पेशल कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे नौ दिन के रिमांड पर भेजा गया है। ईडी के अधिकारियों ने बताया कि फॉरेक्स ट्रेडिंग के इस पूरे नेटवर्क में अकेले नवाब हसन ने अपने नीचे 10 हजार निवेशकों की अलग से टीम बना रखी थी। ईडी की जांच में सामने आया कि नवाब हसन इन निवेशकों को झांसा देकर करोड़ों रुपये की पब्लिक डिपॉजिट जुटाने और उन्हें क्यूएफएक्स, वाईएफएक्स, बॉट ब्रो, बॉट एल्फा, क्रॉसएल्फा और माइन क्रिप्टो जैसे फर्जी प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग में लगाने में अहम भूमिका निभा रहा था।

इस मामले में देशभर में अलग-अलग राज्यों में भी एफआईआर दर्ज की गई है जो हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में आईपीसी की धारा 120B, 406 और 420 के तहत दर्ज की गई हैं।
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ईडी ने बताया कि लविश चौधरी और नवाब हसन अपने निवेशकों को को 5-6 प्रतिशत मासिक रिटर्न का लालच देकर फॉरेक्स ट्रेडिंग का दावा करते थे। निवेश की रकम को पेमेंट एग्रीगेटर्स और वर्चुअल करेंसी यूएसडीटी के जरिए जमा करवाया जाता था। कुछ महीनों तक पेआउट दिखाने के बाद निवेशक आईडी डिलीट कर दी जाती और रकम दुबई भेजकर जायदाद और लग्जरी चीजों पर खर्च की जाती थी। 
ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि नवाब हसन ब्लू डायमंड एग्जीक्यूटिव रैंक पर काम करता था और उसके नीचे 10 हजार से अधिक निवेशक जुड़े हुए थे। वह नकद और डिजिटल दोनों माध्यमों से निवेश जुटाकर दुबई स्थित मास्टरमाइंड लविश चौधरी उर्फ नवाब और उसके सहयोगियों तक पहुंचाता था। 

ईडी की पूछताछ में आरोपी नवाब हसन ने यह कबूल किया है कि इन प्लेटफॉर्म पर कोई वास्तविक ट्रेडिंग नहीं होती थी, बल्कि डैशबोर्ड पर दिखाए गए बैलेंस काल्पनिक होते थे। ईडी के अधिकारियों ने बताया कि नवाब हसन फिर दुबाई भागने की फिराक में था, उससे पहले उसे यूपी के शामली में दबोच लिया गया। ईडी ने बताया कि शामली में इससे पहले उसके ठिकानों से 94.23 लाख रुपये की अवैध नकदी बरामद की गई थी।

अब तक ईडी ने इस केस में यह कार्रवाई की

फॉरेक्स ट्रेडिंग के इस मामले में ईडी ने बीते दिनों भारत में एक एजेंट को दबोचा था। बीते 17 सितंबर को इस नेटवर्क के टॉप एजेंट हरिंदर पाल सिंह को गिरफ्तार किया गया था, जिसने नवाब हसन को पश्चिमी यूपी का प्रमुख एजेंट बताया था। बीते 26 अगस्त को ईडी ने 9.49 करोड़ रुपये मूल्य की 45 संपत्तियों को अटैच किया था। इस साल के शुरुआत में 11 फरवरी और 4 जुलाई 2025 को की गई रेड में 185 बैंक खातों में 391 करोड़ रुपये की अवैध रकम अटैच की गई थी, जो विभिन्न शेल कंपनियों के जरिए चलाई जा रही थी।
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