चंडीगढ़। पिछले तीन दिन से हो रही बारिश की वजह से सुखना लेक का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। सोमवार को पहली बार सुखना में पानी का स्तर 1165.40 फुट तक पहुंच गया। इतिहास में पहली बार सुखना के फ्लड गेट छह फुट तक खोले गए। इसके बावजूद पानी ज्यादा कम नहीं हुआ, क्योंकि पहाड़ों से काफी ज्यादा पानी सुखना लेक में आ रहा है।लेक का जलस्तर सोमवार को फिर से दो फुट बढ़ गया, जिसके चलते इंजीनियरिंग विभाग ने सुबह दो फ्लड गेट खोल दिए। प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि सुखना कैचमेंट एरिया से लगातार पानी आ रहा है। यही कारण है कि लेक क्लब में वाकिंग एरिया तक भी पानी पहुंच गया था। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि एक गेट पूरी रात खुला रहा, जबकि दूसरा गेट सुबह करीब साढ़े नौ बजे खोला गया। जल स्तर लगभग 1165.40 फुट तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे अधिक है। जैसे-जैसे लेक में जल स्तर बढ़ता रहा, फ्लड गेटों को ज्यादा खोला जाता रहा। अंत में छह फुट तक गेट खोल दिए गए। ऐसा पहली बार किया गया। वर्तमान में स्तर लगभग 1,163.50 फुट बना हुआ है, जो खतरे के निशान से ऊपर है। शनिवार को पानी का स्तर 1164.75 फुट तक पहुंच गया था। लेक से पानी छोड़ने के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए। बता दें कि लेक में तीन फ्लड गेट हैं, जिनमें से दो ही खोले जाते हैं। तीसरे को नहीं खोला जाता लेकिन रविवार को लेक में इतना पानी था कि तीसरे गेट से भी पानी ओवर फ्लो हो रहा था।
बारिश के कारण शहर के सभी चो ओवरफ्लो हो रखे हैं। यही कारण है कि चो में अधिक पानी होने के चलते बापूधाम के पास एक पुल को काफी नुकसान पहुंचा है। पुल से पानी ओवरफ्लो होकर निकल रहा है। पूरे दिन पुल से किसी को गुजरने नहीं दिया जा रहा था। बारी बारिश की वजह से विभिन्न इलाकों की कनेक्टिविटी भी प्रभावित हुई है।