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Chandigarh News: पहली बार कम अंक वाले छात्रों को भी मिला विज्ञान और कॉमर्स पढ़ने का मौका

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चंडीगढ़। 11वीं के दाखिले में सरकारी स्कूलों में आरक्षण का बच्चों को फायदा मिला है। हर साल विज्ञान और कॉमर्स में आसपास के क्षेत्रों और निजी स्कूलों के टॉपर्स ही मेरिट पर सीट हासिल कर लेते थे। सरकारी स्कूलों से पास होने वाले कम प्रतिशत वाले छात्रों को विज्ञान और कॉमर्स में आवेदन का मौका ही नहीं मिलता था। अगर वह आवेदन करते भी थे तो मेरिट में रिजेक्ट हो जाते थे। शिक्षा विभाग की ओर से मंगलवार को सरकारी स्कूलों से दसवीं पास उम्मीदवारों की स्ट्रीम वाइज स्कूल अलॉटमेंट की मेरिट सूची जारी कर दी गई है। पहली बार शहर के टॉप स्कूल माने जाने वाले जीएमएसएसएस-16, मनीमाजरा, 35, 18, 8, 10 इत्यादि में भी 50 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले छात्रों को विज्ञान और कॉमर्स में आवेदन करने और दाखिला लेने का मौका मिला है।
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विज्ञान, कॉमर्स और ह्यूमैनिटिज में जीएमएसएसएस-16 की मेरिट सबसे अधिक
शिक्षा विभाग की ओर से मंगलवार को जारी की जाने वाली मेरिट सूची में विज्ञान, कॉमर्स और ह्यूमैनिटिज तीनों स्ट्रीम में जीएमएसएसएस-16 की मेरिट सबसे अधिक रही है। जीएमएसएसएस-16 में विज्ञान में अधिकतम 95.60, न्यूनतम 53.60, कॉमर्स में अधिकतम 95, न्यूनतम 51 और ह्यूमैनिटिज में अधिकतम 93 और न्यूनतम 57 प्रतिशत मेरिट रही है। इसके बाद जीएमएसएसएस मनीमाजरा की मेरिट रही है। इसमें विज्ञान में अधिकतम 94.80, कॉमर्स में 88.40 प्रतिशत मेरिट रही है।

ये स्कूल बने छात्रों की पहली पसंद
शिक्षा विभाग की ओर से जारी मेरिट सूची के अनुसार छात्रों की पहली पसंद हर विषय के लिए शहर के स्कूल जीएमएसएसएस-16, मनीमाजरा एमएचसी, सेक्टर-35, सेक्टर-18, सेक्टर-8, सेक्टर-10, सेक्टर-37, सेक्टर-22 इत्यादि के स्कूल बने हैं।
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दाखिले का ये रहेगा कार्यक्रम
उम्मीदवारों को शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर अलॉट हुए स्कूल और विषय के अनुसार संबंधित स्कूल में जाकर 28 जून से लेकर 30 जून तक कागजातों का सत्यापन करवाना है। इसके बाद एक जुलाई से कक्षाएं शुरू होंगी। वहीं, गैर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले और अन्य राज्यों के विद्यार्थियों की स्कूल के अनुसार स्ट्रीम वाइज मेरिट लिस्ट बुधवार को जारी की जाएगी।
कोट्स....
सरकारी स्कूलों में आरक्षण से इन्हीं में पढ़ने वाले बच्चों को फायदा होगा। पहले अधिक मेरिट और प्रतियोगिता के चलते आम छात्र अपने पसंदीदा विषय नहीं चुन पाते थे। सरकारी स्कूलों में इन्हीं के बच्चों के लिए आरक्षण से इन्हें हर विषय और स्कूल को चुनने का मौका मिला है। इससे बच्चों के लिए नए अवसर खुलेंगे। - हरसुहिंदरपाल सिंह बराड़, स्कूल शिक्षा निदेशक
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