होटल जेडब्ल्यू मैरियट स्थित सैफरॉन में 13 मार्च तक ‘रॉयल फूड फेस्ट’ का आयोजन किया जा रहा है। इसकी खास बात यह है कि इसमें शाही लोग आने वाले लोगों के लिए खाना पकाएंगे।
रानी विजया सिंह सिरमौर और कुंवर शिवराज सिंह लिडीसैफरॉन की किचन के इंचार्ज होंगे। इस दौरान कई सारी दुर्लभ और असली शाही व्यंजनों को डाइनिंग टेबल पर परोसा जाएगा जो अब तक भारत के महाराजाओं और महारानियों के डाइनिंग टेबल पर ही उपलब्ध होता रहा है।
मैरियट के फूड एंड वेबरेज के डायरेक्टर पल्लव सिंघल ने बताया कि लोग एक ऐसी पाक कला का अनुभव कर सकेंगे, जो अब तक शाही रसोई तक ही सीमित थी। इन व्यंजनों को महाराजाओं और नबावों के शाही रसोईयों द्वारा पीढ़ी दर पीढ़ी सिखाया गया और इसे शाही महलों के दायरे से बाहर नहीं जाने दिया।
रानी विजया सिंह सिरमौर और कुंवर शिवराज सिंह लिडी ने हमारे रॉयल फूड फेस्टिवल में असली शाही भोज परोसने के लिए व्यक्तिगत तौर पर कुकिंग की ड्यूटी ली है, ताकि मेहमानों को असली स्वाद मिले। इस तरह के व्यंजन इस पूरे क्षेत्र में इससे पहले कभी नहीं परोसे गए। व्यंजनों में मुख्य रूप से ‘कीमा बिरयानी’, नेपाली व्यंजन ‘सेकवां चारू’ और ‘सानडेको’ और कश्मीरी व्यंजन ‘कबारगाह’ और ‘सफेद उड़द दाल’ और मध्यम प्रदेशों के विशेष ‘नबाब’ और कई अन्य शामिल हैं।
कुंवर शिवराज सिंह लिडी, गुजरात के लिडी परिवार की शाही विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। कुकिंग को लेकर उनका प्यार ही उन्हें विभिन्न जगहों पर जाकर शाही व्यंजनों को पकाने की कला को सीखने के लिए प्रेरित करता है। रानी विजया सिंह सिरमौर का जन्म झाबुआ, मध्य प्रदेश के शाही परिवार में हुआ है।
उन पर झाबुआ के व्यंजनों का प्रभाव है और उनकी दादी मां नेपाल के राणा राजवंश से संबंधित हैं। उनके व्यंजन मध्य प्रदेश के सेलाना क्षेत्र से भी प्रभावित हैं। सिरमौर के शाही परिवार में शादी होने के बाद उन्होंने क्षेत्र के विभिन्न व्यंजनों के साथ भी कई प्रयोग किए हैं। इसमे दो लोगों के लिए भोजन का खर्च 1575 रुपये (नॉनवेज) है, जबकि वेज के लिए 1300 रुपये है।