खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से दिसंबर में प्याज खरीद-फरोख्त के मांगे गए ब्यौरे का जवाब आढ़तियों ने स्पीड पोस्ट कर दिया है। आढ़तियों ने जवाब में अपने लिखा है कि उनके पास खरीद-फरोख्त का ब्यौरा नहीं है। यदि विभाग को इसकी जानकारी चाहिए तो वह मार्केट कमेटी कार्यालय से ले सकता है। विभाग इसकी जानकारी मार्केट कमेटी से ले सकता है। उधर, खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी व्यापारियों का जवाब नहीं मिला है। जवाब मिलने के बाद वह कुछ कह पाएंगे।
ट्राइसिटी में प्याज की कालाबाजारी रोकने के लिए यूटी प्रशासन ने आढ़तियों के भंडारण की लिमिट तय कर दी थी। इसके बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से सेक्टर-26 मंडी में आढ़तियों के यहां स्टॉक चेक किया गया। प्राथमिक जांच में खामियां मिलने पर विभाग ने 11 आढ़तियों को नोटिस भेजकर दिसंबर माह के प्याज की खरीद-फरोख्त का ब्यौरा मांगा था। विभागीय अधिकारियों का कहना था कि आढ़तियों की ओर से दिए जाने वाले प्याज खरीद-फरोख्त की डिटेल को क्रॉस चेक किया जाएगा।
हर सप्ताह मार्केट कमेटी में देते हैं ब्यौरा
हम कमीशन एजेंट हैं। प्याज के ऑक्शन के बाद हमें 7 फीसदी आढ़त मिलती है। इसमें से 2 प्रतिशत मार्केट कमेटी की फीस के रूप में जमा करते हैं और 5 प्रतिशत हम खुद रखते हैं। हमारी ओर से प्याज खरीद-फरोख्त का पूरा ब्यौरा हर सप्ताह मार्केट कमेटी को दिया जाता है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग इसकी जानकारी मार्केट कमेटी से ले सकता है।
-भरत अग्रवाल, मीडिया प्रभारी, आलू प्याज ट्रेडर्स एंड आढ़ती एसोसिएशन
आढ़तियों को देना था यह ब्यौरा
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से आढ़तियों से कुछ प्रमुख बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई थी। इसमें प्याज की खरीद-फरोख्त के साथ बैंक स्टेटमेंट की भी जानकारी मांगी गई थी। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश प्याज आढ़तियों की ओर से प्याज स्टॉक मेनटेंन नहीं किया गया है।
यह है प्याज की स्टॉक लिमिट
प्याज की कालाबाजारी रोकने के लिए यूटी प्रशासन की ओर से इस बार स्टॉक लिमिट में कुछ बदलाव किए गए थे। इसमें होल सेलर, डिस्ट्रीब्यूटिंग एजेंट, सेलिंग एजेंट 25 मीट्रिक टन प्याज का स्टॉक कर सकते हैं, जबकि रिटेलर्स सिर्फ 2 मीट्रिक टन का स्टॉक निर्धारित किया गया है।