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बाढ़ का कहर: हरियाणा के पांच जिलों के कई इलाके जलमग्न, हजारों लोग फंसे, वायुसेना भी अलर्ट

Tue, 20 Aug 2019 12:32 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक/चंडीगढ़ (हरियाणा)
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उफान पर सोम नदी - फोटो : अमर उजाला
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भारी बारिश के बाद यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, अंबाला, सोनीपत और करनाल के कई इलाकों में यमुना और मारकंडा की बाढ़ कहर बरपाने लगी है। यमुना में जलस्तर सोमवार शाम खतरे के निशान से ढाई गुना तो मारकंडा में पानी दोगुना ज्यादा रहा। यमुना से सटे लापरा, पोबारी समेत अन्य गांवों के करीब चार हजार लोगों ने घरों की छत और ऊंचे स्थानों पर शरण ले रखी है। 

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हजारों एकड़ फसलें जलमग्न हो गई हैं। पंजाब के कई इलाकों में भी बाढ़ जैसे हालात हैं। हरियाणा में यमुना, मारकंडा, घग्गर और टांगरी नदी के आसपास के इलाके पूरी तरह जलमग्न है। खेत लबालब हैं और पानी ढाणियों तक पहुंच चुका है। इस हालात के मद्देनजर वेस्टर्न कमांड की अधीनस्थ सेना के 70 जवानों की टीमें हरियाणा और पंजाब में बचाव कार्य के लिए तैनात कर दी गई हैं।

वायुसेना भी सेना के साथ इस बचाव कार्य में जुटी हुई है। दोनों सेनाओं के जवानों ने दो दिनों के भीतर दोनों राज्यों में बाढ़ में फंसे 15 लोगों की जान बचाई है। इनमें से 9 लोग करनाल के हैं और 6 लोग पंजाब में पठानकोट के मृथल, गुरदासपुर के दीनानगर, फिल्लौर, नकोदर व जालंधर के शाहकोट के हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि करनाल के इंद्री विधान सभा क्षेत्र के गांव गढ़पुर टापू में एक परिवार के 9 सदस्यों के बाढ़ में फंसे होने की जानकारी मिलते ही तुरंत संबंधित उपायुक्त को प्रभावित परिवार की मदद करने के निर्देश दिए गए। उसके बाद सेना और वायुसेना की मदद से मुस्तकीन व उसके परिवार के 8 सदस्यों को बचा लिया गया। 

दूसरी ओर, सेना के एक आला अफसर के अनुसार हरियाणा और पंजाब के साथ-साथ सेना हिमाचल और जम्मू एवं कश्मीर में भी बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए तैयार है, जैसे ही मदद मांगी जाएगी, टीमें तुरंत मौके पर पहुंचेंगी।
 
यमुना में समाई सौ एकड़ कृषि भूमि 

 हथिनीकुंड बैराज पर यमुना में रविवार को जहां आठ लाख 28 हजार क्यूसेक पानी रिकॉर्ड किया गया था, वहीं सोमवार को पानी कम होकर ढाई लाख क्यूसेक रह गया। हालांकि सुबह में जठलाना और गुमथला क्षेत्र में जमकर तबाही मचाई। करीब सौ एकड़ कृषि भूमि यमुना में समा गई है। 
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मारकंडा ने भी कई गांवों में मचाई तबाही

- फोटो : अमर उजाला
मारकंडा नदी में खतरे के निशान से दोगुना अधिक 32 हजार क्यूसेक पानी आ गया है। बाढ़ से कई गांवों में गन्ने के साथ धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। नदी के साथ लगते गांव कठवा, तंगौर, कलसाना, डेरा बाजीगर और रावा में पानी की मार पड़ी है। 

सोनीपत में 200 एकड़ फसल डूबी, दो गांव खाली कराए
हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी सोनीपत तक पहुंच गया है। शाम तक यमुना के तटबंध के अंदर लगभग 200 एकड़ की फसल पानी में डूब गई। प्रशासन ने ऐहतियातन टोकी व गढ़ी असदपुर गांव को खाली करा लिया है।  
  
दादूपुर नलवी नहर के टूटने से कई गांवों में पानी भरा
मूसलादार बरसात की वजह से दादूपुर नलवी नहर कई जगह से टूट गई। इसके चलते कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात हैं। 100 से ज्यादा एकड़ फसलें प्रभावित हुई हैं। हालांकि टांगरी का जलस्तर कम होने लोगों ने राहत की सांस ली है।
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