हिमाचल के ऊपरी क्षेत्रों में हो रही जोरदार बारिश व बादल फटने की घटनाओं के चलते भाखड़ा बांध के पीछे बनी विशाल गोबिंद सागर झील का स्तर 1678.10 फीट पंहुच गया है जो खतरे के निशान से मात्र दो फीट कम है। खतरे का निशान 1680 फीट है। भाखड़ा से रोज 75 हजार क्यूसेक पानी टर्बाइनों व फ्लड गेटों से छोड़ा जा रहा है। नंगल हाइडल नहर और श्री आंनदपुर साहिब हाइडल नहर में 9 हजार जबकि सतलुज दरिया में लगभग 57 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। लगभग 20 जगह पर नहर की मरम्मत का काम चल रहा है। बता दें कि भाखड़ा बांध सतलुज नदी पर बना है।
पौंग बांध जलाशय खतरे के निशान से ऊपर
पौंग बांध जलाशय में जलस्तर खतरे के निशान से चार फीट ऊपर चला गया है। इसलिए बीबीएमबी ने धीरे-धीरे पानी की मात्रा बढ़ाकर एक लाख क्यूसेक करने का निर्णय लिया है। बीबीएमबी तलवाड़ा टाउनशिप के जल विनियमन प्रकोष्ठ के अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता ने बताया गया है कि बुधवार दोपहर 12 बजे पौंग बांध के जलाशय में जलस्तर 1394.15 फीट दर्ज किया गया। वर्तमान में रोज 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। अब इसे बढ़ा कर एक लाख क्यूसेक किया जाएगा। बता दें कि पौंगा बांध ब्यास नदी पर बना है।