सेक्टर-63 के हाउसिंग प्रोजेक्ट में अब फ्लैट खरीद कर ट्रांसफर कराना एक लाख रुपये सस्ता हो गया है। सीएचबी बोर्ड की वीरवार को होने वाली बैठक में यह निर्णय लिया गया है।
यह एक लाख का वन टाइम चार्ज हाउसिंग बोर्ड ने एक मार्च को फ्लैट्स से 5 साल की लॉकिंग पीरियड की शर्त हटाने के बदले में लगाई थी। लेकिन अब ट्रांसफर फीस के साथ अतिरिक्त लिया जाने वाले एक लाख रुपये की फीस नहीं लगेगी।
साथ ही बुधवार को सिटीजन चार्टर समय की कमी के कारण पास नहीं हो पाया है। सदस्यों ने निर्णय लिया कि सिटीजन चार्टर पर ज्यादा चर्चा की जरूरत है। इसलिए जुलाई में होने वाली बैठक में चार्टर को पास किया जाएगा।
बोर्ड की बैठक में सदस्यों ने यह भी मामला उठाया कि इस समय जिन मकानों की ट्रांसफर फीस 15 प्रतिशत चार्ज की जा रही है, वह काफी ज्यादा है इसे 5 प्रतिशत किया जाए। इस पर निर्णय लिया गया कि अगली बैठक में जब सिटीजन चार्टर पास किया जाएगा तो ट्रांसफर फीस को कराई जाएगी।
अधिकारियों के फोन के बिल पर कटौती
बोर्ड की बैठक में अधिकारियों के फोन बिल (लैंडलाइन और मोबाइल) की सीमा 9 हजार रुपये तय की गई। इससे पहले माह में आने वाले बिल की कोई सीमा नहीं थी। कई अधिकारियों के हर माह बिल 20 हजार रुपये तक आते थे। ऐसे में अब 9 हजार से ज्यादा का मासिक बिल आने पर अधिकारी खुद जेब से इसका भुगतान करेंगे। इससे पहले कोई सीमा नहीं थी।
हैंडसेट जमा न कराने वालों के वेतन में से कटेगी राशि
बोर्ड की बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों ने सरकारी मोबाइल सेट अभी तक जमा नहीं कराए हैं, उनके वेतन से राशि काट ली जाए। बोर्ड ने दो माह पहले यह निर्णय लिया था कि अब सरकारी खजाने से किसी को भी मोबाइल नहीं लेकर दिया जाएगा। पहले से मिले फोन भी वापस किए जाएंगे। बोर्ड के एक्स ऑफिशयल सदस्य प्रेम कौशिक के अनुसार कई कर्मचारियों ने तो फैसले के बाद अब मोबाइल चोरी होने की डीडीआर दर्ज कराने के बाद प्रति भी जमा कराई है, जबकि उन्हें भी राशि का भुगतान करना होगा।