पंजाब में नशा फैल रहा है? जब यह सवाल जब कैबिनेट मंत्री मजीठिया से किया गया तो उन्होंने कहा कि पंजाब में नशा नहीं, यह तो राजनीतिक स्टंट है...। मौका था ‘पंजाब द प्रकाश’ प्रचार गाड़ी को हरी झंडी दिखाने का। दरअसल पंजाब के केबिनेट मंत्री विक्रमजीत सिंह मजीठिया ने सोमवार को इन गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस मौके पर नशे से संबंधित सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर पंजाब 70 प्रतिशत नशे की गिरफ्त में हैं तो क्या आपकी माताएं-बहनें नशे की आदी हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म के जरिए जो पार्टी पंजाब को बदनाम कर रही है, उस पार्टी का प्रचार समिति का चेयरमैन खुद नशे का कितना बड़ा आदी है। इसकी जानकारी पूरे मीडिया को है।
इससे पहले उन्होंने सोमवार को 50 ‘पंजाब द प्रकाश’ गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर पंजाब की अलग-अलग दिशाओं के लिए रवाना किया। इन वाहनों के माध्यम से सत्तारूढ़ दल शिअद-भाजपा हैट्रिक लगाने की तैयारी में हैं। अगले छह माह में यह गाड़ियां पंजाब के हरेक गांव में दस्तक देंगी, ताकि इस प्रकाश का असर पंजाब के विधानसभा चुनाव में दिखाई दे।
पंजाब सरकार ने इन प्रचार वाहनों को तैयार कराने के लिए मध्यप्रदेश की एक एजेंसी को हायर किया है। हालांकि यह पहला अवसर है, जब आदित्य नाम की यह एजेंसी किसी राजनीतिक दल की ब्रांडिंग कर रही है। एजेंसी के अधिकारी योगेश सोनवानी ने बताया कि हर गाड़ी में एक लैपटॉप, एक एलएफडी और एक जेनसेट के अलावा तीन लोग शामिल होंगे। इनमें ड्राइवर, ऑपरेटर और प्रमोटर शामिल है।
हर प्रचार वाहन में एक एलएफडी और सरकार की उपलब्धियों के कटआउट बाहर लगाए गए हैं। पंजाब सरकार इस प्रचार अभियान पर कितना पैसा खर्च करेगी? इस बारे में जब पंजाब सरकार के लोक संपर्क मंत्री विक्रमजीत सिंह मजीठिया से जानकारी ली गई तो उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि यह सरकार की योजना के अनुसार प्रचार अभियान चलाया गया है। लेकिन, इसका कितना बजट है, यह अनुमान उन्हें नहीं है।
सानू ना पीके दी लोड ना सीके दी, सानू लोड है पंजाबियों दी
सानू ना पीके दी लोड है ना सीके दी, सानू ते सिर्फ पंजाबियों दी लोड है। विक्रमजीत सिंह मजीठिया के यह पीके प्रशांत किशोर हैं और सीके कौन? इसके बारे में तो उन्होंने खुलकर नहीं बताया, लेकिन पीके और सीके बोलकर उन्होंने सिर्फ यह इजहार किया कि वह पंजाबियों के दम पर सत्ता में वापसी करेंगे।