कैबिनेट की बैठक में एमएसपी, आबियाना और दुग्ध प्लांटों को राहत देने के फैसलों पर लगी मुहर, अब खनन अधिकारी भी काट सकेंगे चालान
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने पिछड़ा वर्ग की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है। इसके मुताबिक सरपंच और निकाय अध्यक्ष पद पिछड़े वर्ग बी के लिए पांच फीसदी आरक्षित किए जाएंगे। जबकि पंच, पंचायत समिति के सदस्य, जिला परिषद सदस्य और नगर निकायों में पार्षद बीसी बी की आबादी के अनुपात के आधार पर आरक्षित किए जाएंगे। रिपोर्ट के मुताबिक जिस गांव में पिछड़ा वर्ग बी की आबादी दो फीसदी से ज्यादा है तो कम से कम पंच का एक पद आरक्षित होगा। वहीं, एक ब्लॉक में सरंपच कुल पदों के मुकाबले पांच फीसदी पद पिछड़ा वर्ग बी के लिए आरक्षित होंगे। प्रत्येक पंचायत समिति में सदस्य के पद पिछड़े वर्ग (बी) के लिए कुल सीटों के उसी अनुपात में आरक्षित किए जाएंगे जो ब्लॉक की कुल आबादी में पिछड़ा वर्ग (बी) की आबादी के आधे प्रतिशत के रूप में होगी। किसानों को सभी 24 फसलों पर एमएसपी देने, आबियाना बंद करने के फैसले को भी मंजूरी दी गई। सरकार ने खनन विभाग के अधिकारियों को चालान करने की शक्ति देने को मंजूरी दी। अब खनन अधिकारी या इससे उच्च रैंक के अधिकारी भी खनन सामग्री ले जाने वाले ओवरलोड वाहनों का चालान कर सकेंगे।
प्रत्येक जिला परिषद में सदस्य के पद पिछड़ा वर्ग (बी) के लिए कुल सीटों के उसी अनुपात में आरक्षित किए जाएंगे जो जिला परिषद क्षेत्र की कुल आबादी में पिछड़ा वर्ग (बी) की आबादी के आधे प्रतिशत के रूप में होगी। प्रत्येक नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका में पार्षद का पद पिछड़े वर्गों के नागरिकों के ब्लॉक-बी के लिए कुल सीटों के उसी अनुपात में आरक्षित किए जाएंगे जो उस शहरी स्थानीय क्षेत्र की कुल आबादी में पिछड़ा वर्ग (बी) की आबादी की जनसंख्या के आधे प्रतिशत के रूप में होगी। बशर्ते कि यदि पिछड़ा वर्ग (बी) की आबादी निकाय क्षेत्र की कुल शहरी जनसंख्या के 2 प्रतिशत से कम नहीं है, तो प्रत्येक स्थानीय निकाय व पालिका में पिछड़े वर्ग (बी) से संबंधित कम से कम एक पार्षद होगा। इसी प्रकार नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर समितियों में महापौर व अध्यक्षों के कुल पदों में से पांच फीसदी पद पिछड़े वर्ग के बी के लिए आरक्षित किए जाएंगे।
अग्निवीरों मिलेगी लिखित परीक्षा से छूट
बैठक में हरियाणा अग्निवीर नीति 2024 को मंजूरी दी गई। इसके तहत सिपाही, माइनिंग गार्ड, फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डर और एसपीओ के पदों के लिए सीधी भर्ती में अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इन पदों की भर्ती में अग्निवीरों को लिखित परीक्षा से छूट दी जाएगी। इसके अलावा अग्निवीरों को ग्रुप सी के सिविल पदों में 5 प्रतिशत और कौशल विशेषज्ञता से संबंधित ग्रुप बी के पदों के लिए एक प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। नीति में ग्रुप बी और सी के पदों के लिए निर्धारित आयु सीमा में तीन साल की छूट भी शामिल है। अग्निवीरों के पहले बैच के लिए यह छूट पांच वर्ष की होगी। यदि अग्निवीर के पास अपेक्षित कौशल प्रमाण पत्र है तो लिखित एवं कौशल परीक्षा दोनों से छूट दी जाएगी। हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड के माध्यम से नियुक्ति में प्राथमिकता दी जाएगी। अग्निवीर को व्यवसाय शुरू करने को तीन साल के लिए 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा।
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धोलीदार, बूटीमार, भोंडदार व मुकररीदार को मिलेगा मालिकाना हक
धोलीदार, बूटीमार, भोंडेदार व मुकररीदार को उपहार में मिली जमीन पर उन्हें मालिकाना हक मिलेगा। संशोधित नियमों के मुताबिक जिस जमीन पर इन वर्गों या उनके उत्तराधिकारियों के 20 साल पूरे हो गए हैं, वह मालिकाना हक प्राप्त करने के लिए संबंधित जिले के डीसी के पास आवेदन कर सकते हैं।
एकीकृत आवासीय कॉलोनी के लाइसेंस के लिए नए नियम लागू
बैठक में नई एकीकृत लाइसेंसिंग की संशोधित नीति को मंजूरी दी गई। इसके तहत एकीकृत आवासीय कॉलोनी के लाइसेंस के लिए अति और उच्च क्षमता वाले शहरों के लिए न्यूनतम 10 एकड़ और मध्यम और कम क्षमता वाले क्षेत्रों के लिए 5 एकड़ जमीन होना है जरूरी होगा। नए प्रावधानों के तहत पहले दिए गए अतिरिक्त 0.25 एफएआर को हरियाणा बिल्डिंग कोड-2017 के अनुसार आवासीय प्लॉट पर आगे क्रय योग्य एफएआर से पूरक किया जाएगा। कॉलोनाइजर को एफएआर के मापदंडों के भीतर समूह आवास, भूखंड, पंक्ति आवास आदि जैसे उपयोगों के लिए आवासीय घटक आवंटित करने की स्वतंत्रता होगी।
आवास योजना के आलॉटियों को किस्त जमा करने में सहूलियत
मंत्रिमंडल ने आवंटित एक मरला के भूखंड स्वामी को किस्त जमा करने में छूट दी है। संशोधित नीति के मुताबिक अब 10 हजार रुपये की दूसरी किस्त अलॉटमेंट लेटर जारी होने के दो महीने के भीतर जमा करनी होगी और बाकी 80 हजार रुपये की राशि का भुगतान आशय पत्र (एलओआई) जारी होने की तिथि से तीन वर्ष में मासिक किस्त में जमा करना होगा। पहले आवेदकों को एक माह में ही 10 हजार रुपये की किस्त देनी पड़ती थी और बाकी राशि छह महीने में जमा करनी होती थी। इसके अलावा, अब लाभार्थी की मृत्यु होने पर रिफंड व आवंटन हस्तांतरण का प्रावधान भी शामिल किया गया है।
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गरीब ग्रामीणों को मिलेगा आवास 50 व 100 वर्ग गज का भूखंड
बैठक में मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना-विस्तार (एमएमजीएवाई-ई) को मंजूरी दी गई। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) विशेष रूप से भूमिहीन परिवारों को महाग्राम पंचायतों में 50 वर्ग गज और सामान्य पंचायतों में 100 वर्ग गज के आवासीय भूखंड उपलब्ध कराया जाएगा। नीति के मुताबिक केवल एक हजार रुपये की एकमुश्त लागत के भुगतान पर भूखंड आवंटित किया जाएगा। आवंटन पत्र जारी होने के दो साल में विकसित भूखंड का कब्जा मिलेगा। दो साल में कब्जा न मिलने पर लाभार्थी को मुआवजा दिया जाएगा। इस योजना के तहत सरकार ग्राम पंचायतों को कृषि भूमि के वास्तविक कलेक्टर रेट के हिसाब से भूमि की कीमत उपलब्ध कराएगी।
मंत्रिमंडल के अन्य फैसले
1. अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी)-सह-जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी (डीसीआरआईओ) विवाह पंजीकरण कर सकेंगे। सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम, संयुक्त आयुक्त, डीएमसी, नगर निगमों में कार्यकारी अधिकारी, बीडीपीओ और ग्राम सचिवों को भी कुछ शर्तों के साथ अपने अधिकार क्षेत्र में विवाह पंजीकरण करने की शक्ति दी गई हैं।
2. विवाह पंजीकरण प्रक्रिया अब ऑनलाइन होगी। आवेदनों को मैन्युअल रूप से जमा करने की प्रक्रिया बंद होगी। ऑनलाइन प्रणाली में बुनियादी आवेदन शुल्क माफ होगा।
3. हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण (ग्रुप ए, बी व सी) सेवा नियम 2024 को मिली मंजूरी। इसके तहत प्राधिकरण में 38 पद सृजित किए गए हैं।
4. एक अप्रैल से किसानों से आबियाना नहीं लिया जाएगा। आबियाना का पिछला बकाया लगभग 133.55 करोड़ रुपये को भी माफ किया गया है। इससे हरियाणा के 4,299 गांवों के किसानों को लाभ मिलेगा। एक अप्रैल के बाद जिन किसानों को आबियाना जमा कराने के नोटिस मिले हैं, वो नोटिस भी वापस होंगे। इसके अतिरिक्त यदि एक अप्रैल के बाद किसी किसान ने आबियाना जमा करवा दिया है तो वो राशि भी वापस होगी।
5. 14 शहीदों के आश्रितों को नौकरी देने की मंजूरी दी गई। सरकार ने सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक कर्मियों के युद्ध में हताहत हुए 14 आश्रितों को अनुकंपा आधार पर नियुक्ति प्रदान करने को मंजूरी दी।
6. दुग्ध प्लांटों की डिफॉल्ट राशि पर विवादों का समाधान योजना को मंजूरी दी गई। इसके तहत डिफॉल्ट राशि का 50 प्रतिशत 30 सितंबर तक देना होगा। यह योजना उन दुग्ध प्लांटों के लिए लागू होगी, जिन्होंने 31 जुलाई 2024 तक दुग्ध सेस नहीं जमा किया है।
7. 2016 से पूर्व सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारियों के लिए पेंशन व पारिवारिक पेंशन में संशोधन को मंजूरी दी गई। अब पेंशन व पारिवारिक पेंशन की अतिरिक्त राशि पर महंगाई राहत स्वीकार्य होगी। मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये होगी। जब भी महंगाई भत्ते में वृद्घि होगी, मूल वेतन का 50 प्रतिशत बढ़ेगा और ग्रेच्युटी की सीमा में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी।
8. अब हरियाणा सिख गुरुद्वारा न्यायिक आयोग का अध्यक्ष उच्च न्यायालय का न्यायाधीश होगा। यदि उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त नहीं किया जाता है, तो जिला न्यायाधीश को नियुक्त किया जा सकता है। अगर जिला न्यायाधीश को भी आयोग का अध्यक्ष नियुक्त नहीं किया जाता है, तो आयोग के तीन चयनित सदस्यों में से एक को वरिष्ठता (यह वरिष्ठता सेवा में रहने की हो या बार में प्रैक्टिस की) के आधार पर अध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा। संशोधित ड्राफ्ट के अनुसार अध्यक्ष या सदस्य का कार्यकाल उसके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से पांच वर्ष होगा।
9. रोडवेज के सभी बस स्टैंड पर ठेकेदार व दुकानदारों को कोरोना काल के दौरान किराए में छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत एक अप्रैल से 30 जून, 2020 तक की अवधि के लिए किराए में शत-प्रतिशत छूट मिलेगी। एक जुलाई से 31 जुलाई 2020 तक के किराए में 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
10. वाहन स्क्रैपेज और रीसाइक्लिंग सुविधा प्रोत्साहन नीति 2024 को मंजूरी दी। इसके तहत हरियाणा को रीसाइक्लिंग हब के रूप में स्थापित करने के लिए इको-पार्क व रीसाइक्लिंग पार्क विकसित किया जाएगा।
11. बैठक में पिछड़े वर्गों के व्यक्तियों को क्रीमी लेयर से बाहर रखने संबंधी मानदंडों के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। पिछड़े वर्गों की क्रीमी लेयर की वार्षिक आय सीमा 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दी गई है और मूल्यांकन के मानदंड केंद्र सरकार के मानदंडों के अनुसार होंगे।