इस बार दीपावली पर ट्राइसिटीवासियों ने पांच करोड़ रुपये के पटाखे फूंक डाले। प्रशासन और सामाजिक व धार्मिक संगठनों की अपील के बावजूद लोगों ने पटाखे फोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। रविवार को शाम से शुरू हुआ पटाखों का शोर देर रात तक बदस्तूर जारी रहा। अनुमान के मुताबिक, ट्राइसिटी में करीब पांच करोड़ रुपये की पटाखे बिके, जिसे लोगों ने देर रात तक फोड़ डाला।
ट्राइसिटी में पटाखे की बिक्री के लिए कुल 153 लाइसेंस जारी किए गए थे। इनमें से 96 लाइसेंस चंडीगढ़ में और 13 लाइसेंस पंचकूला और 44 लाइसेंस मोहाली में दिए गए थे। चंडीगढ़ में पटाखों को जलाने के लिए बेशक दो घंटे का समय तय किया गया था लेकिन लोग इसके बाद भी पटाखे फोड़ने से बाज नहीं आए। चंडीगढ़ में ही करीब तीन करोड़ के पटाखे लोगों ने फूंक डाले।
यह एक औसत आंकड़ा है क्योंकि एक पटाखा विक्रेता के अनुसार, एक लाइसेंस पर औसतन तीन लाख रुपये की पटाखों की सेल अनुमानित है। एक पटाखा विक्रेता के अनुसार, वास्तव में पटाखे इससे भी ज्यादा बिकते लेकिन लाइसेंस कम समय के रहते दिया गया। कई ऐसे लोगों को लाइसेंस नहीं मिल सका, जिन्होंने पटाखे बुक करवा रखे थे।
उधर, कुछ ऐसे लोगों को लाइसेंस मिल गया, जिन्होंने तैयारी ही नहीं की थी। ऐसा ही मोहाली में हुआ। यहां पटाखों के लाइसेंस जीरकपुर, खरड़, डेराबस्सी के साथ मोहाली को आवंटित किए गए थे। पटाखों की दुकाने देर से लगने की वजह से भी पटाखों की सेल में गिरावट आई।
रॉकेट और बम के साथ फुलझड़ी की बंपर सेल
आमतौर पर शांतिप्रिय कहे जाने वाले सिटी चंडीगढ़ के लोगों की इस दीपावली पर पहली पसंद कानफाड़ू बम और राकेट रहे। आलू बम, बुलेट बम के साथ गंगा-जमुना अनार, रॉकेट की खरीद बंपर रही। इसके साथ ही फुलझड़ी भी काफी सेल हुई। एक एक्सपर्ट के अनुसार हरेक सेल के साथ फुलझड़ी की सेल सीधे कनेक्ट थी क्योंकि हर बम को जलाने के लिए फुलझड़ी को लोग ज्यादा मुफीद मानते हैं।
दीवाली वाले दिन ज्यादा हुई सेल
चंडीगढ़ के पटाखा विक्रेताओं की मानें तो दीवाली वाले दिन पटाखों की सेल ज्यादा रही। सेक्टर-29, 46, 24, हाउसिंग बोर्ड, मनीमाजरा में इसकी मार्केट लगी रहीं।
चंडीगढ़ में कुल लाइसेंस 96
पंचकूला में कुल लाइसेंस 13
मोहाली में कुल लाइसेंस 44
दिवाली के मौके पर पटाखों का जबरदस्त क्रेज रहता है। अबकी बार लाइसेंस में देरी हुई इस वजह से भी पटाखों की सेल में करीब 25 फीसदी तक की गिरावट आई। बावजूद इसके चंडीगढ़ में औसतन तीन करोड़ तक की सेल अनुमानित है।
- देविंदर गुप्ता, अध्यक्ष, चंडीगढ़ क्रैकर्स एसोसिएशन