चंडीगढ़। शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने बड़े स्तर पर यातायात सुधार की योजना तैयार की है। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत मंगलवार को यूटी गेस्ट हाउस में सेफ सिस्टम अप्रोच विषय पर रोड सेफ्टी डायलॉग-कम-वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के पांच सबसे व्यस्त और संवेदनशील मार्गों पर फ्लाईओवर, अंडरपास, नई कनेक्टिविटी रोड और डेडिकेटेड साइकिल ट्रैक जैसे ठोस प्रस्ताव सामने आए।
कार्यशाला के समापन सत्र में डीजीपी डॉ. सागरप्रीत हुड्डा मुख्य अतिथि रहे जबकि उद्घाटन सत्र में आईजी पुष्पेंद्र कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस दौरान यूटी इंजीनियरिंग विभाग, नगर निगम, आर्किटेक्चर विभाग, ट्रैफिक पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। कार्यशाला का उद्देश्य सड़क डिजाइन को अधिक सुरक्षित बनाना, दुर्घटनाओं की गंभीरता कम करना और पैदल यात्रियों व साइकिल चालकों जैसे कमजोर सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा।
पांच संवेदनशील मार्गों पर फोकस
सेफ सिस्टम अप्रोच के तहत ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं के लिहाज से शहर के पांच प्रमुख मार्ग चिन्हित किए गए हैं। इनमें जीरकपुर बैरियर से हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट, हल्लोमाजरा से ट्रिब्यून चौक, हाउसिंग बोर्ड से ट्रांसपोर्ट लाइट प्वाइंट, मुल्लांपुर बैरियर से सेक्टर-25/38 और पीजीआई चौक से मुल्लांपुर बैरियर तक के मार्ग शामिल हैं। इन मार्गों के अध्ययन के लिए पांच विशेष टीमें गठित की गईं जिनमें ट्रैफिक विशेषज्ञों के साथ यूटी इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर विभाग, नगर निगम के प्रतिनिधि और संबंधित डीएसपी व ट्रैफिक इंस्पेक्टर शामिल रहे। टीमों ने मौके पर जाकर सड़क स्थिति, ट्रैफिक फ्लो, डिजाइन खामियों और पैदल यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं का आकलन किया। सर्वे के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर संबंधित विभागों को भेजी जाएगी।
फ्लाईओवर से लेकर साइकिल ट्रैक तक प्रस्ताव
प्रमुख प्रस्तावों में 66 केवी जंक्शन चौक से मुल्लांपुर चौक तक फ्लाईओवर या एलिवेटेड रोड, गरचा टर्न से पंचकूला सेक्टर-17 व 18 की ओर नई कनेक्टिविटी रोड और कॉलोनी नंबर-4 से गांव दड़वा व पंचकूला की ओर नई सड़क शामिल हैं। इसके अलावा हल्लोमाजरा और पोल्ट्री फार्म चौक पर पैदल यात्रियों के लिए अंडरब्रिज, एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट से ट्रिब्यून चौक तक डेडिकेटेड साइकिल ट्रैक व सरंगपुर, पीजीआई और पंजाब यूनिवर्सिटी के पास अंडरपास बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।