हरियाणा सरकार ने पराली की एमएसपी तय करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। पांच कृषि विशेषज्ञ एमएसपी का फार्मूला बनाकर सरकार को सौंपेंगे। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक हरदीप सिंह, केंद्रीय कृषि विशेषज्ञ डॉ. मुकेश जैन, हिसार कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ डॉ. बलदेव डोगरा व कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक जगविंद्र नैन समिति में शामिल किए गए हैं।
हरेडा के महानिदेशक आईपीएस हनीफ कुरेशी थे, जिनकी सेवाएं हाल ही में प्रदेश ने केंद्र सरकार को सौंप दी हैं। अभी तक हरेडा का नया महानिदेशक किसी को नहीं लगाया गया है। जो भी नया अधिकारी नियुक्त होगा, उसे ही समिति का सदस्य माना जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकार पराली को जलाने से किसानों को पूरी तरह रोकना चाहती है। इसलिए एमएसपी तय करने जा रहे हैं।
समिति जो भी फार्मूला सुझाएगी, उसकी रिपोर्ट के आधार पर राशि की घोषणा करेंगे। वर्तमान सीजन खत्म हो चुका है, समिति को अगले धान सीजन से पहले हर हाल में अपनी रिपोर्ट देनी होगी। उद्योग जिस दर से पराली खरीद रहे हैं, उस राशि को एमएसपी तय करते समय ध्यान में रखा जाएगा।
सरकार ने पराली खरीदने व उद्योगों तक पहुंचाने के लिए नया पोर्टल बनाया है। इस पर पराली खरीदने वाले ठेकेदारों व उद्योगों की जानकारी भी उपलब्ध होगी, जो किसान अपनी पराली बेचना चाहता है वह पोर्टल के माध्यम से सीधा संपर्क कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 24 ऐसे और उद्योग हैं, जिन्होंने अपनी ऊर्जा खपत के लिए पराली का उपयोग करने की सहमति जताई है।