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कार्रवाई: रोपड़ में करोड़ों के पोंजी स्कीम रैकेट का पर्दाफाश, 8.2 लाख रुपये की नकदी के साथ पांच गिरफ्तार

Fri, 21 May 2021 05:03 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/रोपड़। 

सार

पकड़े गए आरोपियों में से दो हरियाणा, दो मोहाली और एक जीरकपुर का रहने वाला है। ये आरोपी ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिए लोगों से निवेश कराते थे। हफ्ते में चार गुना रकम और विदेश यात्रा की पेशकश भी देते थे। 
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पोंजी स्कीम रैकेट में पांच गिरफ्तार। - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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रोपड़ पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर, एसपियन ग्लोबल के नाम से चलाए जा रहे एक ऑनलाइन प्लेटफार्म द्वारा करोड़ों रुपये के पोंजी स्कीम निवेश रैकेट का पर्दाफाश किया है। एसपियन ग्लोबल एक ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट ईएसपीएन ग्लोबल की एक प्राक्सी है, जो भोले-भाले लोगों को लुभाने के लिए निवेश किए पैसों को हफ्तावारी चार गुना करने के साथ-साथ विदेश यात्राओं की पेशकश करती है।

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गिरफ्तार लोगों की पहचान हरियाणा में सिरसा निवासी इक्षित और भिवानी निवासी अंकित, मोहाली जिले के जीरकपुर निवासी राकेश कुमार, मोहाली निवासी गुरप्रीत सिंह और सचिनप्रीत सिंधु के तौर पर हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे में से 8.2 लाख रुपये भी बरामद किए हैं।


डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि एक निवेशक ने शिकायत की कि उसने लगभग 16 लाख रुपये निवेश किया और बदले में उसे कुछ नहीं मिला। इस शिकायत पर रोपड़ के एसएसपी अखिल चौधरी ने एसपी (हेड क्वार्टर) अंकुर गुप्ता को तुरंत एफआईआर दर्ज करने और मामले की जांच शुरू करने के निर्देश दिए थे। जांच के दौरान, पुलिस ने मुंबई स्थित बैंक खातों का पता लगाने में कामयाबी हासिल की, जिनमें नकदी ट्रांसफर की गई थी। इन खातों की स्टेटमेंट्स की पड़ताल के दौरान पाया गया कि इसमें पूरे भारत में लोगों ने करोड़ों रुपये का निवेश किया है। डीजीपी ने लोगों से अपील की कि वह ऐसी ऑनलाइन स्कीमों के प्रति सचेत रहें और स्कीमों के साथ जुड़े एजेंट की सही तस्दीक किए बिना निवेश न करें।
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ऐसे लुभाती थी कंपनी
रोपड़ के एसएसपी ने बताया कि कंपनी की तरफ से तीन निवेश स्लॉट की पेशकश की जाती थी। ये 4.82 लाख रुपये, 7 लाख और 19.40 लाख रुपये के स्लॉट हैं। जब कोई भी एक स्लॉट में निवेश करता तो उसके लिए इलेक्ट्रानिक ट्रांजेक्शन खरीद (ईपीटी)) तैयार की जाती थी और यह भारतीय करेंसी को ईपीटीज और डॉलरों में तब्दील कर देती थी। इसके आधार पर हफ्तावारी वापसी का वादा किया जाता था। एक ईपीटी एक डॅालर के बराबर रखी गई थी। चौधरी ने बताया कि निवेशकों को कंपनी में निवेश करने का लालच देने के लिए, धोखाधड़ी करने वाली इस कंपनी की तरफ से विशेष सेमिनार भी करवाए जाते थे। यह एक सीरियल प्रणाली बनाई गई थी, जिसमें 13 रैंक रखे गए थे और जब कोई व्यक्ति ऐसी योजनाओं में और ज्यादा ग्राहकों को लाता, तो सिस्टम में उसके रैंक में सुधार होता जाता था।

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