चंडीगढ़। जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत शहर में हाउस लिस्टिंग सर्वे की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। इस चरण में प्रशासन शहर के हर घर तक पहुंचकर विस्तृत जानकारी एकत्र करेगा। इससे पहले 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक सेल्फ-एन्यूमरेशन (स्वयं गणना) की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी लेकिन इसे अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली। 13 लाख से अधिक आबादी वाले शहर में महज करीब 5,000 लोगों ने ही ऑनलाइन पंजीकरण किया।
कम भागीदारी को देखते हुए प्रशासन ने अब पारंपरिक तरीके से घर-घर सर्वे पर जोर दिया है। इसके लिए 2,250 से अधिक जनगणना कर्मियों को तैनात किया गया है जो 30 मई तक पूरे शहर में सर्वे का कार्य पूरा करेंगे। ये कर्मचारी हर घर जाकर 33 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी एकत्र करेंगे। इसमें परिवार के मुखिया का नाम, सदस्यों की संख्या, जाति, आवास की स्थिति, पेयजल, शौचालय, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित विवरण शामिल होगा।
इस बार पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है। कर्मियों को हैंडहेल्ड डिवाइस दिए गए हैं जिनके माध्यम से डेटा सीधे ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इससे आंकड़ों की सटीकता बढ़ेगी और त्रुटियों की संभावना कम होगी। अधिकारियों के मुताबिक सेल्फ-एन्यूमरेशन में कम भागीदारी के पीछे जागरूकता की कमी, तकनीकी दिक्कतें और डिजिटल माध्यम के प्रति झिझक मुख्य कारण रहे। हालांकि, अब घर-घर जाकर सर्वे करने से अधिकतम लोगों को शामिल किया जा सकेगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सर्वे टीम का सहयोग करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं।