इस दौरान बंटवारे को लेकर भाइयों में आपसी कहासुनी हो गई। तभी एडवोकेट बलिंद्र पाल ढांडा के बेटे रमन व लखन ने रिवाल्वर से ताबड़तोड 7 गोलियां पंचायत में आए लोगों पर बरसा दीं। सभी इधर-उधर जान बचाने को भागे। लेकिन इसी दौरान पूर्व सरपंच व फाइनेंसर सुरेंद्र पाल ढांडा को 3 गोलियां लगी और वह लहुलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। इसके अलावा पूर्व सरपंच के बड़े भाई राजपाल ढांडा, दूसरे बडे भाई रामपाल के बेटे एडवोकेट उदयपाल ढांडा व उनके फूफा जोगिंद्र सिंह (छारपुरा) को एक एक गोली लगी। जिससे सभी बुरी तरह से घायल हो गए।
पता चला है कि हमलावरों ने मौके पर मदद के लिए पहुंचे ग्रामीणों को रिवाल्वर दिखाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाने पर भी धमकाया। हमलावरों के मौके से फरार होने के बाद गांव के लोग व घायलों के परिजन उन्हें अस्पताल ले गये। उल्लेखनीय है कि गोली लगने से घायल हुए गांव कंडरौली के पूर्व सरपंच सुरेंद्र पाल ढांडा इनेलो सरकार के दौरान गांव के सरपंच रह चुके है।
इसके अलावा घायल हुए उनके बड़े भाई राजपाल ढांडा लगभग 4 वर्ष पहले मार्केट कमेटी जगाधरी से सचिव पद पर सेवानिवृत हुए थे। वहीं घायल यज्ञपाल उर्फ मोनू ढांडा जगाधरी कोर्ट में वकील है। उदयपाल ढांडा भी हमले में घायल हुए हैं। उदयपाल जिला उपायुक्त अंबाला के कार्यालय में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं।
इनमें से पूर्व सरपंच सुरेंद्र पाल ढांडा व सबसे छोटे भाई एडवोकेट बलिंद्र पाल ढांडा शुरू से गांव कंडरौली में रहते है। जबकि राजपाल सेक्टर- 18 जगाधरी व रामपाल शुगरमिल शाहबाद में परिवार के साथ रहते हैं। गांव में पूर्व सरपंच सुरेंद्र पाल ढाडा व बलिंद्र पाल ढांडा खेतीबाड़ी करते है। जबकि दूसरे दोनों भाई नौकरी करने में लगे रहे।
अब नौकरी करने वाले भाइयों रामपाल व राजपाल ने अपनी पारिवारिक भूमि में से अपना हिस्सा लेने के लिए पंचायत बुलाई थी। जिसमे भूमि के बंटवारे को लेकर बलिंद्र ढांडा के बेटों रमन व लखन ने गोली चलाकर 5 लोगों को घायल कर दिया। इस बारे में डीएसपी रादौर कुशल पाल राणा ने बताया कि गांव कंडरौली में परिवार के बीच भूमि के बंटवारे को लेकर कुछ लोगों द्वारा 5 लोगों पर गोली चलाई गई है। पुलिस घायलों के बयान लेगी। जिसके बाद आगामी कार्यवाही की जाएगी।