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दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबंध, चंडीगढ़ में चलेंगे या नहीं, असमंजस

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चंडीगढ़। दिल्ली सरकार ने इस बार भी दिवाली पर पटाखों की खरीद, बिक्री और चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है इसलिए चंडीगढ़ में भी इस दिवाली पर पटाखे चलाने की मंजूरी होगी या नहीं, इसको लेकर असमंजस हो गया है। प्रशासन ने पिछले साल दिल्ली की तर्ज पर प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि इस वर्ष चंडीगढ़ क्रैकर्स डीलर्स एसोसिएशन ग्रीन पटाखों को चलाने की मांग कर रहे हैं।
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एसोसिएशन के प्रधान दविंदर गुप्ता ने कहा कि वह ग्रीन पटाखों को चलाने की मंजूरी देने की मांग पर जल्द ही प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल व डीसी विनय प्रताप सिंह से मुलाकात करेंगे। महासचिव चिराग अग्रवाल ने कहा कि उन्हें इस बार पूरी उम्मीद है कि प्रशासन ग्रीन पटाखों की खरीद, बिक्री और चलाने की मंजूरी देगा। उन्होंने कहा कि पिछली बार दिवाली से कुछ दिन पहले पटाखों की बिक्री और चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था लेकिन मोहाली और पंचकूला में पटाखे बिके और खूब चलाए गए थे। चंडीगढ़ में हर साल पटाखे बेचने के लिए डीसी दफ्तर की तरफ से करीब 96 लोगों को लाइसेंस दिए जाते हैं। ये ड्रॉ के जरिए होता है। पिछले वर्ष भी ये सवाल उठा था कि जब मोहाली और पंचकूला में पटाखे चलेंगे तो सिर्फ चंडीगढ़ में प्रतिबंध लगाकर क्या फायदा। हालांकि प्रशासन ने फिर भी पिछले दो साल से पटाखों पर प्रतिबंध कायम रखा है। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस पर आखिरी फैसला लिया जाएगा। बता दें कि बुधवार को दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने ट्वीट कर कहा है कि दिल्ली में लोगों को प्रदूषण के खतरे से बचाने के लिए सभी तरह के पटाखों के उत्पादन, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जा रहा है। ऑनलाइन बिक्री पर भी ये रोक रहेगी।
पटाखों पर बार-बार रुख बदलता है प्रशासन
बीते पांच सालों में दिवाली पर प्रशासन का फैसला अलग-अलग रहा है। वर्ष 2017 में प्रशासन ने तीन दिन के लिए पटाखों की बिक्री और चलाने पर प्रतिबंध हटाया था। इसमें दशहरा, दीपावली और गुरु पर्व पर शाम से 6.30 से 9.30 बजे तक पटाखे चलाने की अनुमति दी गई थी। वर्ष 2018 और 2019 में प्रशासन ने रात 8 से 10 बजे तक पटाखे चलाने की अनुमति दी थी जबकि वर्ष 2020 और 2021 में पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था।
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