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कालरम में किसान की 20 एकड़ जमीन आग की भेंट चढ़ी

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  घरौंडा। गांव कालरम में एक किसान की लगभग 20 एकड़ खड़ी फसल आग की भेंट चढ़ गई। आग लगने से आस पास के खेतों में काम कर रहे लोगों को अफरा तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस व दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची। ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड की गाडिय़ों ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आगजनी का कारण बिजली की तारों में स्पार्किंग को माना जा रहा है। मंगलवार की शाम लगभग साढ़े चार बजे कालरम गांव में किसान भूपिंद्र राणा के खेतों में अचानक आग लग गई। खेतों में धुआं उठता देख आसपास काम कर रहे किसानों में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते खेतों में आग की लपटें उठने लगी और आग ने गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया। आगजनी की सूचना पुलिस व फायर ब्रिगेड को दी। खेतों में आग लगी देख आस-पास के ग्रामीण भारी संख्या में अपने ट्रैक्टर व हैरों मशीनों के साथ मौके पर पहुंच गए। फायर ब्रिगेड कर्मचारियों व ग्रामीणों ने जब तक आग पर काबू पाया, तब तक भूपिंद्र राणा की 20 एकड़ में खड़ी गेहूं जलकर राख हो चुकी थी। किसान भूपिंद्र राणा ने सरकार की नीतियों को आगजनी की घटना का जिम्मेदार ठहराया है। किसान का आरोप है कि सरकार पोर्टल के माध्यम से धीरे-धीरे किसानों की फसलों को खरीद रही है। खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह से पक चुकी है। जिस कारण आगजनी की घटनाएं बढ़ रही है। सरकार को सभी किसानों की फसल एक साथ खरीदनी चाहिए। किसान ने फसल में आग लगने का कारण बिजली की तारों में हुई स्पार्किंग को बताया है। किसान का कहना है कि उसके खेतों के ऊपर से 33 हजार केवी की तारें गुजर रही है। जिनमें स्पार्किंग हुई और 10 मिनट के अंदर 20 एकड़ फसल स्वाहा हो गई। छह माह की कमाई आग की भेंट चढऩे से किसान के माथे की सिकन बढ़ गई है। किसान का पूरा परिवार चिंता में है। किसान का कहना है कि उनकी 20 एकड़ की ही फसल थी और उसी में आग लग गई। पूरा परिवार सकते में है। किसान ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।
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