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धागा फैक्ट्री में लगी आग, दम घुटने से तीन की मौत

Thu, 27 Apr 2017 09:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
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फैक्ट्री में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
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धागा फैक्ट्री में लगी आग का ऐसा कहर देखने को मिला, जिसमें 3 जानें चली गईं, अग्निकांड के वक्त कई छतों से कूदने को मजबूर हो गए। लुधियाना के इंडस्ट्री एरिया स्थित  पारस फैब्रिक में मंगलवार देर रात आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भयंकर रूप धारण ले लिया। अग्निकांड में  फैक्टरी के अंदर सो रहे एक मजदूर परिवार के तीन सदस्यों की दम घुटने से मौत हो गई और एक महिला घायल है। चार मजदूरों ने छत से कूद कर जान बचाई।
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फायर ब्रिगेड की दस गाड़ियों ने दस घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने से फैक्टरी के अंदर पड़ी सारी रुई, धागा और मशीनें जल गई। सूचना मिलने के बाद अधिकारियों के साथ थाना डिवीजन छह की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने फायर कर्मियों के साथ मिलकर ग्रिल तोड़कर घायलों और तीन शव बाहर निकाले। 

मृतक की पहचान मान बहादुर, (45), उसका बेटा कृष्ण व पोती बबिता (8) के रुप में हुई है। मान बहादुर की पत्नी खीमा सिविल अस्पताल में दाखिल है। सैफी, महावीर, बब्बू, नने और अन्य मजदूरों ने ग्रिल टूटते ही बाहर की तरफ कूद कर जान बचाई। इस दौरान उन्हें भी मामूली चोटें आईं। पुलिस ने तीनों शव पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिए है। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है।
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फैक्ट्री की छत से कूदकर बचाई जान

फैक्ट्री में लगी आग - फोटो : अमर उजाला

पारस फैब्रिक में रुई से धागा तैयार किया जाता है। फैक्टरी की पहली मंजिल पर एक परिवार और कुछ मजदूर रहते हैं। दूसरी मंजिल पर भी मजदूरों के लिए कमरे बने हैं। फैक्टरी के ऊपर हिस्से में करीब 15 लोग रह रहे थे। रोजाना की तरह फैक्टरी में काम खत्म होने के बाद मालिक सुनील जैन अपने घर चले गए।

मजदूर ऊपर बने कमरों में चले गए। देर रात को सभी लोग सो रहे थे। अचानक शार्ट सर्किट से आग लग गई। जब तक आग का मजदूूरों को पता चलता आग फैक्टरी में फैल चुकी थी। आग की लपटें देखकर आसपास लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। फैक्टरी के कुछ मजदूर तो किसी तरह से बाहर निकल आए। 

सैफी और उसके साथियों ने बाहर निकलने की कोशिश की। रास्ता न होने की वजह से वह निकल नहीं सके। जब मजदूर मान बहादुर के परिवार को जगाने गए तो अंदर तीनों मृत पड़े थे। इसी दौरान मजदूरों ने खीमा को वहां से हटा लिया। सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड भी मौके पर पहुंच गई। फायर कर्मचारियों ने पुलिस के साथ मिलकर फैक्टरी के बाहर लगी ग्रिल तोड़ी और शव बाहर निकाले।

इसके बाद दूसरी मंजिल पर लगी ग्रिल तोड़कर मजदूरों को बाहर निकाला। फायर ब्रिगेड की दस गाड़ियों ने तीन-तीन बार चक्कर लगाए। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने करीब दस घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मजदूरों ने बताया कि फैक्टरी के अंदर आग बुझाने के लिए कोई भी यंत्र नहीं लगा है। 
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आसपास की फैक्ट्री मजदूरों ने भी की पूरी मदद

आग बुझाते दमकल कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला


आग लगते ही आसपास की फैक्टरी के मजदूरों ने ही सबसे पहले शोर मचाया। उन्होंने कुछ मजदूरों को तो किसी तरह से निकाल लिया, आग बढ़ने के कारण वह बाकी मजदूरों को निकालने में कामयाब नहीं हो सके। फायर ब्रिगेड के आने से पहले आसपास फैक्टरी मजदूरों ने ही आग पर काबू पाने की कोशिश की। मजदूरों का कहना था कि गली बंद होने के कारण भी उन्हें काफी दिक्कत हुई। 

जांच के बाद ही की जाएगी कार्रवाई : एसीपी
एसीपी सेंट्रल मदीप सिंह ने कहा कि तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। घायल महिला की हालत खतरे से बाहर है।  पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। 
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