पीयू के एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक में आग लगने की घटना से सवाल खडे़ हो गए हैं। चर्चा तो यहां तक है कि पीयू में हुए कई घोटालों की फाइलें जलाने के लिए तो किसी ने साजिश नहीं रची। पीयू में पेंशन घोटाला, हॉस्टलों के सामान की खरीदारी और 26 करोड़ रुपये की वर्दी खरीदी कर्मचारियों की गड़बड़ी हुई थी। इन सब मामलों की जांच चल रही थीं।
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पीयू में दो करोड़ रुपयों का गबन करके वाली एडहॉक पर काम करने वाली क्लर्क पूजा बग्गा का रिकार्ड भी अकाउट्ंस ब्रांच में था। इस पर पेंशन के घोटालों की फाइल इसी डिपार्टमेंट में थी। वहीं इस मामले में पूजा बग्गा के पति जतिंद्र सिंह और सहयोगी बलजिंदर सिंह को पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसमें 92 लाख की रिकवरी भी की गई थी। इस मामले में पर अभी तक पूरा पैसा नहींवसूल हो पाया। इसका रिकार्ड नहीं होने का मुद्दा पहले भी सीनेट में उठ चुका है। वहीं 17 हास्टलों में वाटर कूलर, एलईडी की खरीद का रिकार्ड भी अकाउंट्स ब्रांच के पास था। इसमें भी गड़बड़ी के आरोप लगे थे।
कुछ प्रोफेसर पर गलत तरीके से टीए डीए लेने का आरोप लगा था। यह मुद्दा सीनेट पर भी रखा गया था। वहीं वार्डन की ओर से अलाउंसेज भी गलत तरीके से लिए जाने की बात भी सामने आई थी। इसकी भी जांच पूरी नहींहो पाई थी। पेशन, पीएफ के कई मामलों की घपले बाजी की जांच भी चल रही थी। अब सवाल यह उठता है कि अकाउंट, पीएफ, एग्जाम सेक्शन में ही आग क्यों लगी। अगर यह डेटा रिकवर नहीं होगा तो कई आरोपियों पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं होगी।
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इन घोटालों से सुर्खियों में रही पीयू
Fire breaks out at Panjab University
इन घोटालों से सुर्खियों में रही पीयू
- पीयू पेशन विभाग में एडहॉक पर काम करने वाली र्क्लक पूजा बग्गा ने दो करोड़ रुपये का गबन किया था। इसके रिकार्ड भी अकाउंट्स डिपार्टमेंट के पास थे
- इंटरनेशनल सहित 17 हॉस्टलों के लिए एलईडी, वाटर कूलर की खरीद में गड़बड़ी आई थी। इसमें एक अफसर पर गलत खरीद कराने के आरोप लगे थे।
- 26 करोड़ रुपये की वर्दी खरीदने में हुई थी गड़बड़ी। इस पर ठेकेदार के कांट्रैक्ट रद्द किए गए थे।
-- टीए - डीए देने के मामले में भी लगे हैं घपले के आरोप।
सुलगते सवाल
--- आग लगने के बाद अकाउंट ब्रांच में पडे़ घोटालों का रिकार्ड हो सकता है नष्ट
--- डीएसडब्ल्यू सहित कई अधिकारियों पर थी जांच, अकाउंट ब्रांच का रिकार्ड कैसे जला
--- पीएफ, अकाउंटर, एग्जामिनेशन के अकाउंट्स ही क्यों जले, बाकी क्यों रहा है सेफ
क्या रहीं खामियां
- पीयू में एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लाक में आग लगने पर नहीं बजे सायरन
- हाइड्रोलिक सिस्टम ने नहीं किया काम, जिस कारण आग तेजी से फैली
- 30 साल से अभी तक नहीं बदले गए हैं यहां के केबल और तार इस कारण हुआ शार्ट सर्किट
एडमिनिस्ट्रिेटिव ब्लॉक में वायलेशन ने आग को बढ़ाया
पीयू के वाइस चांसलर प्रोफेसर अरुण ग्रोवर ने बताया कि यह हेरिटेज ब्लॉक है। नियमों के अनुसार हेरिटेज ब्लॉक में किसी तरह का वायलेशन नहीं किया जा सकता है, लेकिन भीषण आग ने वीसी के दावों की धज्जियां उड़ा दीं। बिल्डिंग में काफी संख्या में खुले तारों की भरमार होने के साथ अंदर सोफे और फर्नीचर रखा था। फायरकर्मियों का कहना है कि इसी कारण आग तेजी से फैली है।
नहीं बजे सायरन
फायरकर्मियों ने बताया कि आग लगने पर सायरन नहीं बजे। ये खराब थे। सिक्योरिटी गार्ड्स आग रोकने में असमर्थ दिखे।
सीएफएसएल टीम ने लिए सैंपल
रविवार दोपहर को सीएफएसएल टीम ने एडमिनिस्ट्रिेटिव ब्लॉक के तीनों फ्लोर का मुआयना किया। इस दौरान आग लगने वाले फर्स्ट फ्लोर पर उन्होंने सैंपल भी लिए। हालांकि, उन्होंने जांच रिपोर्ट आने तक कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
ऐसा आग पर काबू पाया
एरिया स्टेशन अफसर ने बताया कि आग बड़ी तेजी से भड़क रही थी। सबसे पहले 4 फायरकर्मी आग वाले स्थान पर हाईड्रोलिक की सहायता से मास्क लगाकर चढ़े। तीन फायर टेंडर से पानी छोड़ने के बावजूद आग कम नहीं हो सकी। इसके बाद चीफ फायर अफसर शर्मा ने ब्लॉक के तीनों तरफ से फायरकर्मियों की एक चेन बनवा दी। एक ही समय में ब्लॉक को तीनों तरफ से घेरकर लगातार पानी फेंका गया। वहीं प्राथमिक जांच में आग का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है।