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Chandigarh News: पीजीआई में फिर लगी आग... ओटी में चल रही थी सर्जरी, सुरक्षाकर्मियों ने बाहर निकाला मरीज

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चंडीगढ़। ओटी के अंदर सर्जरी करने वाले टीम में शामिल एक डॉक्टर ने बताया कि कार्डियोथोरेसिक ओटी में वाल्व रिपेयर सर्जरी चल रही थी, तभी वहां चिंगारी निकली। एओर्टिक वाल्व रिपेयर के लिए मरीज के स्टर्नम (ब्रेस्ट बोन) को काटा जा रहा था, तभी थिएटर में वेंटिलेटर और कार्डियोपल्मोनरी बाईपास मशीन के पावर सॉकेट सिस्टम में आग लग गई। इस पॉइंट सिस्टम में मेडिकल गैस भी होती है। इसलिए, आग को फैलने से रोकने के लिए तुरंत प्लग हटाए गए और बिजली की आपूर्ति काट दी गई। इससे ओटी में अंधेरा छा गया और थिएटर में धुआं भर गया।
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अफरा-तफरी मचने पर ऑपरेशन रूम में मौजूद डॉक्टर और स्टाफ बाहर की ओर भागे, जबकि मरीज ओटी टेबल पर बेहोश पड़ा था। हालांकि, केवल मुख्य सर्जन जो विभागाध्यक्ष हैं, तब तक नहीं गए, जब तक कि मरीज को आईसीयू में शिफ्ट नहीं कर दिया गया, जहां उसकी सर्जरी पूरी हुई। इस फ्लोर पर दो आईसीयू हैं। घटना के बाद मुख्य आईसीयू को ओटी में बदल दिया गया और आईसीयू के सभी मरीजों को एक आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया, जिसमें अब 24 मरीज हैं।
एक अन्य कर्मचारी ने बताया कि एक कर्मचारी आग में फंस गया था और उसे जल्द ही बचा लिया गया। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने अग्निशामक यंत्रों का इस्तेमाल करने की कोशिश की, लेकिन प्रशिक्षित न होने के कारण वे कुछ नहीं कर सके।
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एक अन्य डॉक्टर ने बताया कि कुछ अटेंडेंट ने खिड़की के शीशे तोड़ दिए, जिससे हमें अंदर देखने में मदद मिली और इससे धुआं भी कम हो गया। यह बहुत डरावना था और धुएं के कारण ऑपरेशन थिएटर में एक मिनट भी खड़ा होना मुश्किल था। चौथी मंजिल से धुआं उठने के कारण, कार्डियोलॉजी वार्ड में मौजूद अन्य मंजिलें भी प्रभावित हुईं और वहा भर्ती मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया।
एक नर्स ने बताया कि मरीज को गंभीर महाधमनी स्टेनोसिस है - जो हृदय वाल्व की एक तरह की बीमारी है। चारों ओर बहुत धुआं था और शायद उसके फेफड़ों में भी चला गया हो। वह अब वेंटिलेटर पर है और उसकी कड़ी निगरानी की जा रही है।
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