हरियाणा के बहुचर्चित सीडी कांड में राज्य विजिलेंस ब्यूरो ने पांच पूर्व विधायकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। ब्यूरो के एडीजीपी आरसी मिश्रा ने इसकी पुष्टि की है।
पांच पूर्व विधायकों के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो ने घटना से संबंधित क्षेत्र के थानों में ही एफआईआर दर्ज कराते हुए पूर्व मंत्री राव नरेंद्र के खिलाफ गुड़गांव में, जबकि तीन पूर्व विधायकों रामनिवास घोडेला, जरनैल सिंह, नरेश सेलवाल और एक पूर्व सीपीएस विनोद भ्याणा के खिलाफ हिसार में एफआईआर दर्ज कराई है।
विजिलेंस ब्यूरो की ओर से यह कार्रवाई इस मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई रोक हटाए जाने के बाद की गई है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में पद से निवृत्त हुए हरियाणा के लोकायुक्त जस्टिस प्रीतम पाल ने सीएलयू सीडी की जांच कराने के बाद प्रदेश सरकार को पांचों पूर्व विधायकों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत एफआईआर दर्ज कराने की सिफारिश की थी।
लोकायुक्त की सिफारिश पर प्रदेश सरकार कोई कदम उठाती, उससे पहले ही उक्त पांचों आरोपियों ने लोकायुक्त की सिफारिश को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दे दी। हाईकोर्ट की एकल बेंच ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पांचों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने पर रोक लगा दी।
इस पर प्रदेश सरकार ने एकल बेंच के फैसले को हाईकोर्ट की डबल बेंच के समक्ष चुनौती दी, जिस पर सुनवाई करते हुए डबल बेंच ने एकल बेंच के फैसले के पलटते हुए पांचों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की अनुमति दे दी।
यह है मामला
हरियाणा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में उक्त पूर्व विधायकों पर सीएलयू के एवज में रिश्वत लेने के आरोप लग रहे थे। इसी दौरान एक स्टिंग आपरेशन में उक्त पूर्व विधायकों की सीडी तैयार कर ली गई, जिसमें इन्हें चेंज आफ लैंड यूज से एवज में रिश्वत लेते दिखाया गया था। इस सीडी को इनेलो ने सार्वजनिक करते हुए प्रदेश के लोकायुक्त से मामले की जांच की गई थी।