चंडीगढ़। शहर के बुजुर्गों के प्रति चंडीगढ़ पुलिस की ''असंवेदनशीलता'' का एक उदाहरण सामने आया है। भारतीय वायुसेना के एमईएस से सेवानिवृत्त सेक्टर-45ए निवासी 74 वर्षीय जतिंदर पाल सिंह को धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर के लिए कई बार थाने और पुलिस मुख्यालय के चक्कर काटने पड़े। एसएसपी को शिकायत देने के लगभग 16 महीने बाद सेक्टर 34 थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पीड़ित के मुताबिक लगभग 50 बार एसएसपी से मिलने पुलिस मुख्यालय के चक्कर काटे मगर स्टाफ ने नहीं मिलाया। वहीं, कई बार सेक्टर-34 थाने में चक्कर काटे।
बता दें कि नए आपराधिक कानून के तहत पुलिस को शिकायत मिलने के बाद तीन दिन के अंदर एफआईआर दर्ज करना जरूरी है। यह कानून अभी पूरे देश में लागू होना है।
सेक्टर 34 थाना पुलिस ने अगस्त, 2022 में दी गई शिकायत में कानूनी राय लेने के बाद कुछ ही दिन पहले आपराधिक रूप से विश्वासघात करने की धारा में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मनीमाजरा के सुभाष नगर निवासी राकेश वर्मा (53) के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं, शिकायतकर्ता ने सेक्टर-30 स्थित टीबीआरएल के एक वैज्ञानिक का नाम भी शिकायत में दिया था। आरोपों के मुताबिक पीड़ित के चेक का दुरुपयोग किया गया था।
शिकायतकर्ता के मुताबिक राकेश वर्मा ने एक कंपनी में मुनाफे का लालच देकर चार से पांच लाख रुपये ठग लिए। उन्होंने एक लाख रुपये का ब्लैंक चेक भी विश्वास में दे दिया था। आरोपी ने 55 महीनों की एफडी का भी लालच दिया था। रकम डेढ़ गुणा होने का भरोसा भी दिया गया। समय पूरा होने पर जब शिकायतकर्ता ने रकम वापसी की मांग की तो राकेश ने कहा कि उसने कंपनी छोड़ दी। शिकायतकर्ता ने जांच करवाई तो पता चला कि चेक नवंबर, 2017 में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से पीएनबी सेक्टर 45 में किसी राजिंदर सिंह बिष्ट ने लगाया है। राकेश वर्मा से उनकी मुलाकात जिला अदालत में एक मामले की सुनवाई के दौरान हुई थी। आरोपी ने मुनाफा कमाने का लालच देकर वर्ष 2017-18 में यह ठगी की। उसने खुद को किसी कंपनी का मालिक बताया था, जो प्रॉपर्टी आदि डील करती है।