जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग-2 चंडीगढ़ ने फिटजी को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को 62 हजार रुपये 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाए। इसके साथ ही 15 हजार रुपये मुआवजा और सात हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करे। आदेश की प्रति मिलने के 45 दिनों के अंदर निर्देश का पालन न करने पर 10 हजार रुपये अतिरिक्त अदा करना होगा।
शिकायतकर्ता संजीव गुप्ता निवासी सेक्टर-27 ने नई दिल्ली और चंडीगढ़ स्थित फिटजी लिमिटेड के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग 2 चंडीगढ़ में शिकायत की थी। शिकायतकर्ता ने जेईई की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए अपने बेटे 10वीं कक्षा के छात्र नलिन कुमार गुप्ता को तीन साल के कार्यक्रम के तहत 24 दिसंबर 2017 को फिटजी में नामांकन कराया। जेईई एडवांस के तीन वर्षीय कोर्स के लिए कुल राशि एक लाख 50 हजार 844 रुपये थी। इसके लिए 16 हजार 875 रुपये का भुगतान डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से और ढाई हजार रुपये का भुगतान ऑनलाइन किया गया जबकि शेष राशि के लिए आठ पोस्ट डेटेड चेक जारी किया।
शिकायतकर्ता के बेटे ने अप्रैल 2018 से जनवरी 2019 तक 10 महीने के लिए 10वीं कक्षा के लिए कक्षाओं में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने पाया कि फिटजी की ओर से पढ़ाया जा रहा पाठ्यक्रम संतोषजनक नहीं है। शिकायतकर्ता ने फिजटी के चंडीगढ़ सेंटर से 11वीं और 12वीं कक्षा की कोचिंग के लिए अग्रिम रूप से लिए गए दो साल के शेष शुल्क को वापस करने का अनुरोध किया। यह राशि 62 हजार रुपये थी। इसके साथ ही उनसे प्राप्त पोस्ट-डेटेड चेक पेश नहीं करने का भी अनुरोध किया।
शिकायतकर्ता ने जिला आयोग को कहा कि शिकायतकर्ता के बेटे ने 11वीं और 12वीं के लिए दूसरे पक्ष की संस्थान में किसी भी कक्षा में भाग नहीं लिया। शिकायतकर्ता ने बताया कि दूसरे पक्ष ने दो साल की कोचिंग के लिए अग्रिम रूप से ली गई शेष राशि वापस करने के बजाय पोस्ट डेटेड चेक प्रस्तुत किए और 11वीं और 12वीं के लिए 62 हजार रुपये की राशि भी नहीं लौटाई जबकि इस सत्र में शिकायतकर्ता का बेटा कभी शामिल नहीं हुआ। उधर फिटजी ने जिला आयोग में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने नियमों के अनुसार काम किया है। उन्होंने सेवा में कोताही नहीं की है।