वोटिंग से ठीक कुछ घंटे पहले मंगलवार देर शाम अंब साहिब कालोनी में अकाली और कांग्रेसी समर्थक आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की भी हुई। जैसे ही घटना की सूचना दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों को पहुंची। तो वे भी समर्थकों सहित मौके पर पहुंच गए।
इस दौरान अकाली एवं कांग्रेसी वर्करों ने एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी भी की। मौके पर पुलिस के आला अधिकारी और कई थानों की एसएचओ पहुंच गए। एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का ड्रॉमा कई घंटे तक चलता रहा। बाद में पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ।
जानकारी के अनुसार विधायक बलबीर सिद्धू के भाई अमरजीत सिंह (जीती) सिद्धू शाम को करीब सात बजे अपने तीन साथियों के साथ अंब साहिब कालोनी गए थे। इसी बीच वहां अकाली उम्मीदवार प्रो. चंदूमाजरा के बेटे सिमरजीत सिंह काफी समर्थकों सहित पहुंच गए। उन्हे भनक लग गई कि जीती कालोनी में वोटरों को पैसे एवं नशे बांट रहे हैं।
इसके बाद दोनों में पक्षों में हाथापाई भी हो गई। घटना की खबर मिलते ही विधायक बलबीर सिद्धू मौके पर पहुंच गए। इस दौरान पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गए। एसपी स्वर्नदीप सिंह ने कालोनी से जीती और सिमरजीत कौर काफी प्रयास के बाद बाहर निकाला। अभी यह दोनों बाहर निकले ही थे कि कांग्रेस पार्टी की उम्मीदवार अंबिका सोनी, पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल भी मौके पर पहुंच गए।
इस दौरान अंबिका सोनी की प्रो. चंदूमाजरा के बेटे सिमरजीत से बहस हो गई। इसके बाद अकाली वर्करों ने सोनी के खिलाफ नारेबाजी की। इस बीच पुलिस सिर्फ मूक दर्शक बनी रही। जब सोनी ने भड़क कर पुलिस को इनकी हरकत के बारे में बताया, तो तब जाकर पुलिस ने दोनों को शांत कराया।
इस दौरान चंदूमाजरा खुद भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद कांग्रेसी नेता जीएस रियाड़ ने चंदूमाजरा को कुछ कहने लगे, तो चंदूमाजरा भड़क कर कांग्रेसी नेताओं को कोसने लगे।
इस दौरान माहौल फिर गर्माया गया और लड़ाई की स्थिति बन गई और पुलिस ने मामला किसी तरह शांत कराया। इसके बाद जब चंदूमाजरा वहां से चले गए, तो कुछ यूथ अकाली नेता वहीं पर रुके हुए थे। जिन्होंने फिर से महौल गर्माने की कोशिश की।
अंबिका सोनी ने कहा कि कालोनी में अकालियों ने यह सब गंदा हथकंडा अपनाया है, इससे वह जीत नहीं सकते हैं। उन्होंने इस दौरान अकाली वर्करों के साथ ही बाहरी नंबरों की गाड़ियां भी दिखाते हुए पुलिस द्वारा अपनाई गई ढील पर रोष प्रकट किया।