हरियाणा के पचास हजार अनियिमित कर्मचारियों पर नौकरी से हाथ धोने का खतरा मंडराने लगा है। अगर सरकार अध्यादेश नहीं लाई तो 30 नवंबर के बाद करीब 50 हजार अनियमित कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है। इनमें 2014 में नियमित हुए लगभग पांच हजार कर्मचारी भी शामिल हैं।
पूर्व हुड्डा सरकार के समय 2014 में अधिसूचित नियमितीकरण की नीतियों को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 30 मई 2018 को रद्द कर दिया था। इन आदेश की कॉपी सरकार लगभग एक माह बाद मिली। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा था कि 6 महीने के अंदर अनुबंध आधार पर लगे सभी अनियमित कर्मचारियों की जगह नियमित भर्ती की जाए।
इसे देखते हुए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने विधानसभा के मानसून सत्र में बिल पारित कर हाईकोर्ट के निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों की नौकरी बचाने और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग को लेकर लंबा आंदोलन किया।