सुबह साढ़े तीन बजे लोगों से छिपकर करती थी अभ्यास
पहलवान नीतू ने बताया कि मैंने केवल सातवीं कक्षा तक पढ़ाई की । मुझे पता था कि इतनी कम पढ़ाई के बाद मैं किसी भी नौकरी के लिए योग्य नहीं हूं। ऐसे में मैंने पति से खेलों से जुड़ने की बात कही। समझाने-बुझाने पर वह मदद के लिए तैयार हो गए लेकिन शर्त रखी कि मैं परिवार और गांव वालों के सुबह जागने से पहले अपना अभ्यास पूरा कर लूं। ऐसे में मैंने अल सुबह करीब साढ़े तीन बजे लगभग 10 किलोमीटर की जॉगिंग शुरू की और सबके उठने से पहले घर पहुंचकर रोज के कामों में व्यस्त हो जाती थी।
अब पेरिस ओलंपिक के ट्रायल पर नजर
नीतू ने 17 साल की उम्र में खेल को गंभीरता से लिया और 19 साल की उम्र में सीनियर वर्ग में राष्ट्रीय पदक विजेता बन गईं। दो साल बाद ब्राजील में जूनियर विश्व चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2015 में केरल में आयोजित राष्ट्रीय खेलों में भी उन्होंने कांस्य पदक जीता। नीतू ने पिछले साल गुजरात में आयोजित राष्ट्रीय खेलों के 36वें संस्करण में 57 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता था। अब उनकी नजर पेरिस ओलंपिक 2024 के ट्रायल पर है।