चंडीगढ़। मॉडल बुड़ैल जेल में पुरुष कैदियों के अलावा अब महिला कैदियों पर भी पुलिस की पूरी नजर रहेगी। महिला कैदियों की बैरकों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इससे महिला कैदियों की सुरक्षा और इनके की ओर से मोबाइल या अन्य प्रतिबंधित वस्तु का इस्तेमाल करने पर तुरंत जेल प्रशासन को पता चल जाएगा और सख्त कार्रवाई की जा सकेगी। जेल प्रबंधन के मुताबिक जेल की सुरक्षा को और बेहतर करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। इससे पहले तक मैनुअल ही बैरक में महिला कैदियों की सुरक्षा की जाती थी जिसे लेकर वार्डन का पहरा होता था।
पुरुष कैदियों के बैरक के अंदर सीसीटीवी कैमरे हैं मगर महिला कैदियों की निजता को देखते हुए बैरक के बाहर कैमरे लगाए जाएंगे। इसका कंट्रोल रूम भी महिला कांस्टेबल ही देखेंगी। जानकारी के मुताबिक मौजूदा समय में बुड़ैल जेल में 50 के लगभग महिला कैदी बंद हैं। यहां कुल आधा दर्जन महिला बैरक हैं जिनमें से पांच फंक्शनल हैं। हर बैरक की क्षमता 20 कैदियों की है। सूत्रों के मुताबिक कुछ दिन पहले एक बैरक में महिला वार्डन से एक महिला कैदी ने मारपीट शुरू कर दी थी। वहीं, इसी माह एक महिला कैदी से मोबाइल फोन और चार्जर मिला था। वहीं पुरुष बैरकों की संख्या 17 है और उनमें सजायाफ्ता व विचाराधीन कैदियों की संख्या 1120 है।
बॉडी वार्न कैमरों में कैद होंगी हरकतें
जेल के वार्डनों को बाॅडी वार्न कैमरे भी दिए जाएंगे जिनमें ऑडियो और वीडियो होगी। कैदियों की कोई भी गलत हरकत इनमें कैद हो जाएगी। वहीं अगर वार्डन कैदियों से गलत व्यवहार करते हैं या रिश्वत आदि मांगते हैं तो वह भी कैमरे में कैद होगा। यह कैमरे स्टाफ के कंधों और छाती पर लगाए जाएंगे। कैदियों द्वारा बैरक में यदि कहीं कोई मोबाइल आदि इलेक्ट्रिकल उपकरण छिपाया है तो उसे ढूंढने के लिए नॉन-लीनियर जंक्शन डिटेक्टर भी खरीदे जाएंगे। इनसे तीन से चार फीट की रेंज में जांच के दौरान कोई भी छिपाया गया उपकरण आसानी से ढूंढ़ा जा सकेगा।
इलेक्ट्रिक गाड़ी 24 घंटे घूमेगी जेल की चहारदीवारी में
जेल के बाहर 24 घंटे गश्त के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदी जाएगी जो गोल्फ कार्ट की तरह होगी। इससे जेल के बाहर संदिग्ध लोगों और वस्तुओं पर नजर रखी जा सकेगी। वहीं, कई बार कैदी कोई आपत्तिजनक सामान मसलन मोबाइल इत्यादि भी जेल की दीवार से बाहर फेंक देते हैं और जेल की चहारदीवारी की सुरक्षा को देखते हुए भी यहां 24 घंटे गश्त शुरू होगी। इसके लिए एक गाड़ी भी ली जाएगी। बता दें कि पिछले वर्ष जेल की दीवार के पास आरडीएक्स मिला था। अक्सर पेशी के बाद जेल में आने वाले कैदियों की जांच के दौरान कई बार उनके कब्जे से नशा बरामद भी होता है जिसे उन्होंने शरीर में ही कहीं छुपाया होता हैं। उनकी अच्छे से जांच के लिए एक्स रे मशीन भी डबल करने की तैयारी की जा रही है। कैदियों की एंट्री पर कड़ी जांच के लिए उच्च क्षमता वाले डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी) को भी खरीदने का विचार है। इन सब नए उपकरणों का बजट लगभग दो करोड़ रुपये है।
ड्रोन की भी तैयारी
आईजी राज कुमार सिंह के मुताबिक बुड़ैल जेल की सुरक्षा को देखते हुए एक ड्रोन लेने का भी विचार है। इसके जरिए लगभग 50 एकड़ में फैले बुड़ैल जेल और इसके आसपास के क्षेत्र का हवाई कैमरे से निरीक्षण हो सकेगा। एक ड्रोन यातायात पुलिस भी ले रही है। बीते वर्ष जेल की दीवार के पास आरडीएक्स मिलने के बाद लगभग दो महीने पहले ही 46 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जबकि जेल में कुल 240 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। जेल में कुल 68 नियमित वार्डन हैं और 80 पदों को भरा जाना है। इनके अलावा कच्चे वार्डन भी यहां कार्यरत हैं।
इजराइल में तैयार बोलार्ड सुरक्षा में
जेल परिसर में आने वाली गाड़ियों की अच्छे से जांच के लिए अंडर व्हीकल स्कैनिंग सिस्टम (यूवीएसएस) भी मौजूद हैं। वहीं अगर कोई आतंकी तत्व कोई भारी वाहन भी जेल में दाखिल करना चाहे तो उसे रोकने के लिए के-12 रेटिंग का बोलार्ड सिस्टम भी मौजूद है जो इजराइल में तैयार हुआ है। यह 80 टन भारी और 80 किमी की गति से आने वाले ट्रक तक को रोकने में सक्षम है। गाड़ी की पूरी जांच और चालक के सत्यापन के बाद ही यह नीचे होता है।