शिक्षा मंत्री के सामने हाथ जोड़ गुहार लगाती अध्यापिका।
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शिक्षा मंत्री कंवरपाल के आवास पर सोमवार को दिल को झकझोर कर देने वाला दृश्य सामने आया। यहां नौकरी बचाने के लिए शिक्षामंत्री के निवास पहुंची अध्यापिकाओं में से एक महिला हाथ जोड़कर मंत्री के पैरों में गिर पड़ी और बोली सर हमारा कुछ करिए। हमारा रोजगार आपके हाथ में है। इस पर शिक्षामंत्री कंवरपाल ने कहा कि सभी को मंत्री ही दिखाई देता है। इस पर अध्यापकों ने कहा कि मंत्री के पास ही आएंगे, जब उन्होंने उन्हें ही वोट दी है। मंत्री ही उनकी नौकरी बचा सकते हैं। मामला उनके विभाग का ही है। इस पर मंत्री ने कहा कि इस मामले मे निदेशक से बात करता हूं। आश्वासन मिलने के बाद कला अध्यापक वापस जगाधरी अनाज मंडी में धरने पर बैठ गए।
बता दें कि कला एवं शिल्प अध्यापक नौकरी बचाने के लिए 12 दिन से 24 घंटे अनाजमंडी में धरनारत हैं। 13वें दिन वे प्रदर्शन करते हुए शिक्षा मंत्री कंवरपाल से मिलने जा रहे थे। प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने अध्यापकों को निवास से पहले ही रोक दिया। इस दौरान अधिकतम 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को मिलने की अनुमति दी गई।
प्रतिनिधिमंडल जब शिक्षामंत्री से मिलने पहुंचा तो अध्यापिकाएं उनके पैरों में गिर गईं और नौकरी बचाने की गुहार लगाने लगीं। शिक्षिकाओं ने कहा कि अब उनके हाथ में अध्यापकों की नौकरी व जीवन है। सरकार ने खुली सुनवाई के दौरान हलफनामा देने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है। उनकी मांग है कि सरकार शिक्षकों के पक्ष में हलफनामा दायर करे। वह उनके पास रोजगार बचाने की फरयाद लेकर आई हैं।
प्रदेश के 15000 डिप्लोमा होल्डर्स का भविष्य उनके हाथ में है। इस पर शिक्षामंत्री ने शिक्षकों को आश्वासन दिया कि उनकी सरकार में किसी से अन्याय नहीं होगा। सरकार रोजगार उत्पन्न करने के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। ऐसे में किसी का रोजगार नहीं जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार सभी के हित में ही निर्णय लेगी।