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आठवीं फेल ‘डाक्टर’ करता था मरीज का इलाज

Tue, 07 Jan 2014 09:33 PM IST
अमर उजाला, पंचकूला
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जनाब तो हैं आठवीं फेल, लेकिन लोग कहते थे डॉक्टर साहब। मरीजों को इंजेक्शन लगाता था। बवासीर का इलाज करता था और जरूरत पड़ने पर छोटा-मोटा ऑपरेशन भी कर देता था।
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एक गुप्त शिकायत के बाद ड्रग कंट्रोल विभाग की टीम के सदस्य मरीज बनकर पहुंचे और फर्जी डॉक्टर को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया।

ड्रग कंट्रोल विभाग को अभयपुर में एक बंगाली क्लीनिक चलने की सूचना मिली थी। इलाज करने वाला व्यक्ति खुद का नाम डा. सागर सरकार बताता है।

असिस्टेंट स्टेट ड्रग कंट्रोलर नरेंद्र आहूजा की अगुवाई में डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. यशपाल, सीनियर ड्रग इंस्पेक्टर रीपम मेहता व ड्रग इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार की टीम इस बंगाली डॉक्टर के क्लीनिक पर पहुंची और टीम के एक सदस्य ने खुद को बीमार बताते हुए बीपी चेक करने के लिए कहा।

सागर सरकार ने बीपी चेक कर दिया और फर्जी डाक्टर ने दवा भी दे दी। तभी टीम के सदस्यों ने उसे दबोच लिया और डिग्री मांगी, लेकिन उसने कोई भी डिग्री होने से इनकार कर दिया।
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पूछताछ में उसने खुद को आठवीं फेल बताया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। सेक्टर-20 थाने में उसके खिलाफ धोखाधड़ी, इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट व ड्रग एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।  

ऑपरेशन थिएटर भी बना रखा था
नरेंद्र आहूजा के मुताबिक, सागर सरकार ने अपने क्लीनिक में एक छोटा सा ऑपरेशन थिएटर भी बना रखा है। जहां टांके लगाने का सामान पड़ा था। इसके अलावा ने नेबुलाइजर सहित कई तरह के उपकरण भी रखे हुए थे। इतना ही नहीं, वह मरीजों को भर्ती भी कर लेता था।
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