चंडीगढ़। एफसीआई में करोड़ों के घोटाले में सीबीआई की विशेष अदालत ने बुधवार को भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के उपमहाप्रबंधक (डीजीएम) राजीव कुमार मिश्रा की जमानत याचिका को दूसरी बार खारिज कर दिया। राजीव कुमार मिश्रा ने इससे पहले 22 मार्च को जमानत याचिका लगाई थी। बता दें कि सीबीआई ने जनवरी में ऑपरेशन कनक के तहत छह महीने तक एफसीआई में घोटाले की जांच की थी। सीबीआई ने जांच पूरी करने के बाद राजीव कुमार मिश्रा और रविंद्र सिंह खेड़ा को पचास हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इनकी गिरफ्तारी के बाद पूरा घोटाला सामने आया था। इस मामले में सीबीआई ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के उपमहाप्रबंधक (डीजीएम) राजीव कुमार मिश्रा और खरड़ की एग्रो इंडस्ट्रीज के मालिक रविंद्र सिंह खेड़ा और मैनेजर सतीश कुमार वर्मा तीन लोगों को ही गिरफ्तार किया है, जबकि एफआईआर में 75 आरोपियों के नाम शामिल हैं। सीबीआई के मुताबिक एफसीआई के अधिकारी प्राइवेट मिलर्स को फायदा पहुंचाने के लिए मोटी रिश्वत ले रहे थे, जिस वजह से प्राइवेट मिलर्स घटिया किस्म का अनाज एफसीआई के गोदामों में पहुंचाते थे। गोदाम में आने वाले हर एक ट्रक पर रिश्वत तय थी। घटिया अनाज लोगों तक पहुंच रहा था।
सीबीआई ने जनवरी में की थी पंजाब-हरियाणा सहित 50 ठिकानों पर रेड
सीबीआई ने ऑपरेशन कनक के तहत एफसीआई अधिकारियों, चावल मिल मालिकों व बिचौलियों के सिंडिकेट में संदिग्धों की पहचान करने के लिए छह महीना लंबा अंडरकवर ऑपरेशन चलाया। इसके बाद एफसीआई के कार्यकारी निदेशक सुदीप सिंह समेत कुल 75 आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की एफआईआर दर्ज की गई। इनमें 34 सेवारत अधिकारी, तीन सेवानिवृत्त और 17 निजी लोग व 20 कंपनियां शामिल हैं।