डेंगू ने बरपाया कहर, पहले पिता की मौत, अब बेटा चल बसा। दर्दनाक वाकया हरियाणा के करनाल/घरौंडा का है। कुटेल गांव में दस दिन पहले डेंगू से मरने वाले व्यक्ति का बेटा भी बुधवार रात चल बसा।
परिजन उसे डेंगू का संदिग्ध रोगी बता रहे हैं और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है कि उसे उपचार नहीं दिया। बाप-बेटे की मौत से घर में कोहराम मचा है,वहीं ग्रामीण भी शोक में डूबे है।
परिजनों के अनुसार 10 दिन पहले परिवार के मुखिया मूलचंद को हल्का बुखार आया था। बुखार ठीक नहीं होने पर निजी डाक्टर के पास ले गए। जांच में उसे डेंगू की पुष्टि हुई। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजन इस सदमे से उबर भी नहीं पाए थे कि मूलचंद का बेटा सलिंद्र (32) भी बुखार की चपेट में आ गया।
मंगलवार रात उसे तेज बुखार की शिकायत हुई तो परिजन कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचे। आरोप है कि डॉक्टर ने उसे भर्ती किया न कोई टेस्ट लिखे और गुरुवार सुबह आने की सलाह देकर वापस भेज दिया। रात में सलिंद्र की मौत हो गई।
डॉ. योगेश, पीएमओ, कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज ने बताया कि हमारे पास कोई शिकायत नहीं पहुंची है। फिर भी यदि किसी डाक्टर ने मरीज के साथ ऐसा व्यवहार किया है और इलाज मुहैया नहीं कराया गया तो, लिखित रूप से शिकायत मिलने पर निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।