शहर चुनें

अपना शहर चुनें

Top Cities
States

उत्तर प्रदेश

दिल्ली

उत्तराखंड

हिमाचल प्रदेश

जम्मू और कश्मीर

पंजाब

हरियाणा

विज्ञापन

हरियाणाः राष्ट्रपति और पीएम को पत्र लिख किसान मांग रहे सामूहिक आत्महत्या की अनुमति, जानें क्यों

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जुलाना (हरियाणा) Updated Thu, 20 Jun 2019 01:10 AM IST
सांकेतिक तस्वीर
शाहबाद से जयपुर हाईवे को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए अधिग्रहीत जमीन का उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों ने अब राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सामूहिक आत्महत्या की अनुमति मांगी है। किसानों का कहना है कि उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। इस मामले में किसानों का प्रतिनिधिमंडल डीसी डॉ, आदित्य दहिया से भी मिला।

किसानों का कहना है कि बैठक में डीसी द्वारा नए मार्केट मूल्य को लेकर कोई घोषणा नहीं की। न्याय की उम्मीद लगाए बैठे किसानों ने अब परेशान होकर प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति को सामूहिक आत्महत्या की अनुमति के लिए प्रार्थना पत्र लिखा है। किसान नेता रमेश दलाल के अनुसार किसान पिछले पांच महीने से सड़क पर आंदोलन कर रहे हैं। 

12 जून को किसानों व सरकार के बीच उच्च स्तरीय बैठक में इस बात पर सहमति बन गई थी कि किसानों को उचित मुआवजा देने के लिए संशोधन किया जा सकता है। अवार्ड में संशोधन व नए मार्केट मूल्य तय करने के लिए डीसी ने बुधवार को मीटिंग बुलाई है। मीटिंग में नए मार्केट मूल्य की घोषणा नहीं की गई।
विज्ञापन

रमेश दलाल ने बताया कि किसानों को इस बात का डर है कि अधिकारी इस मामले में अपनी गलतियों को छुपाने के लिए किसानों के साथ न्याय नहीं करेंगे तथा नए संशोधित अवार्ड में भी किसानों को उनकी जमीन का मार्केट मूल्य के हिसाब से मुआवजा नहीं दिया जाएगा। 

अब किसानों के सब्र का बांध टूट चुका इसलिए वह सामूहिक आत्महत्या की अनुमति मांग रहे हैं। किसानों ने अपने पत्र में राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को लिखा है कि आत्महत्या के अलावा हमारे पास दूसरा और कोई रास्ता नहीं बचा है। कानून हमारे पक्ष में होने के बावजूद हम पिछले पांच महीने से सड़क पर बैठे हैं। 

हम अपना अधिकार मांगते हैं तो सरकार अनसुना कर देती है। कानूनी अधिकार के लिए इन सरकारी अधिकारियों से भिड़ने की अब और ऊर्जा नहीं बची है। अधिकारियों के अहंकार के सामने हम हार गए लेकिन यह अकेली हमारी हार नहीं है यह देश के संविधान की हार है। निवेदन है कि हमें सामूहिक रूप से आत्महत्या की अनुमति दी जाए।

किसानों की मांग सरकार तक भेजी जा चुकी है। सरकार ने अवार्ड संशोधन की बात मानी है। इस मामले में एक सप्ताह में कोई फैसला आने की संभावना है। किसानों को चाहिए कि वे कानून व्यवस्था बना कर रखें। -डॉ. आदित्य दहिया, डीसी।
विज्ञापन

Recommended

farmer write letter president pm julana haryana

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Recommended Videos

Related

Next
Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।